कानपुर में शिक्षकों की प्रताड़ना से आहत था हेडकांस्टेबल का बेटा, फंदा लगाकर दे दी जान
बर्रा में शिक्षकों द्वारा कोचिंग पढ़ने को लेकर बनाए जा रहे दबाव से परेशान होकर नौंवी के छात्र ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। शनिवार को ही छात्र का जन्मदिन था। आत्महत्या से पूर्व छात्र ने एक पर्ची में सुसाइड नोट लिखा लेकिन बाद में उसे फाड़ दिया। बेटे की मौत से स्वजन का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। स्वजन का आरोप है कि स्कूल के शिक्षक कोचिंग पढ़ने का दबाव बना रहे थे।
मूलरूप से कौशांबी जनपद के मानीपुर, दादा नगर निवासी हेडकांस्टेबल राकेश कुमार लखनऊ महानगर कोतवाली में तैनात हैं। परिवार में पत्नी मीना और दो बच्चे बेटा अभय प्रताप और बेटी आर्या बर्रा-दो में रहते हैं। उनका 14 वर्षीय छोटा बेटा आयुष केशव नगर स्थित मदर टेरेसा हायर सेकेड्री स्कूल से नौंवी का छात्र था। 13 मई को कौशांबी स्थित गांव में भतीजे की शादी में शामिल होने के लिए राकेश पत्नी व बेटी के साथ गए थे।
राकेश ने बताया कि 16 मई को आयुष का जन्मदिन था, बेटे ने कहा कि वह शादी में नहीं जाएगा और घर पर रहकर पढ़ाई करेगा उसे बर्थडे गिफ्ट के लिए उसे चाहिए। इस पर पिता राकेश ने गिटार लाकर देने की बात कही थी। शुक्रवार रात बड़े बेटे अभय ने फोन कर जानकारी दी कि आयुष ने कमरा बंद कर लिया है, वह दरवाजा नहीं खोल रहा है। जिस पर उन्होंने अभय से दरवाजा तोड़ने की बात कही।
अभय दरवाजा तोड़कर कमरे में घुसा तो अभय का शव फंदे पर लटकता मिला। जानकारी पाकर बर्रा पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पहुंची और जांच पड़ताल की। पिता ने बताया कि आयुष के कमरे से एक फटी हुई पर्ची मिली, जिसमें कुछ लिखा हुआ था। पिता ने आरोप लगाया कि स्कूल में आए दिन के शिक्षकों की प्रताडना की वजह से बेटे ने आत्महत्या की है।
राकेश ने बताया कि बेटा आयुष उनसे कहता था कि उसे इस स्कूल में मुझे नहीं पढ़ना है, यहां अच्छी पढ़ाई नहीं होती है। इसके साथ ही स्कूल के शिक्षक अलग से ट्यूशन पढ़ने का दबाव बनाते हैं वह कहते हैं कि अगर ट्यूशन नहीं पढ़ा तो फेल कर देंगे। वहीं जन्मदिन के दिन बेटे की मौत से मां मीना बेसुध हो गई।
बर्रा थाना प्रभारी रवींद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि छात्र के स्वजन की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई है,अगर वह तहरीर देते हैं तो रिपेार्ट दर्जकर कार्रवाई की जाएगी। वहीं प्रधानाचार्य इमैनुल सिंह बंटी ने बताया कि स्वजन के आरोप निराधार हैं कोचिंग पढ़ने के लिए किसी भी छात्र पर दबाव नहीं बनाया जाता है। अभी तो उनका सेशन भी शुरु नहीं हुआ है।

