सख्ती:नाबालिग को नहीं मिलेगा सिम, मां-बाप की आईडी लगेगी
नई दिल्ली, मोबाइल सिम कार्ड जारी किए जाने के नियमों में बदलाव होने जा रहा है। खासकर नाबालिग (18 वर्ष से कम) को सिम कार्ड माता-पिता की सहमति के आधार पर ही मिलेगा। इसे लेकर दूरसंचार विभाग ने सभी टेलीकॉम कंपनियों को निर्देश दिया है, जिसके बाद नया नियम जल्द लागू होगा।
डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम में कई अहम प्रावधान किए गए हैं, जिन्हें अलग-अलग मंत्रालयों की तरफ से लागू किया जा रहा है। डाटा संरक्षण से जुड़ा नियम दूरसंचार मंत्रालय के अधीन भी आता है, जिसको लेकर अब प्रावधान किया जा रहा है कि अगर कोई नाबालिग सिम कार्ड लेना चाहता है तो उसे माता-पिता की केवीईसी के साथ सिम कार्ड दिया जाएगा। दरअसल, डाटा संरक्षण अधिनियम में कहा गया है कि सिम कार्ड केवल बात करने के लिए नहीं, बल्कि डिजिटल पहचान (ओटीपी/ केवाईसी) का भी आधार है, इसलिए नियम और सख्त कर दिए गए हैं। अब मोबाइल सिम कार्ड लेते समय या ऑनलाइन अकाउंट खोलते समय सहमति का एक डिजिटल ट्रेल रखा जाना जरूरी है। यदि कोई नाबालिग किसी प्लेटफॉर्म पर गलत गतिविधि करता है, तो सिम कार्ड और डिजिटल अकाउंट के नियमों के तहत सहमति देने वाले माता-पिता को ही जिम्मेदार ठहराया जाएगा क्योंकि उनके द्वारा सत्यापन पूरा किया गया था।
सिम कार्ड जारी करने के लिए रहेगी ठोस व्यवस्था
अभी नाबालिगों को कॉलेज आई कार्ड या आधार नंबर पर कुछ जगहों पर सिम जारी कर दिया जाता है। अब कंपनियां ऐसा प्रावधान कर रही हैं, जिसमें बच्चे के आधार में दर्ज जन्म तिथि जैसे ही सिस्टम में अपलोड होगी तो वह यह पहचान करेगा कि जिस नाम पर सिम कार्ड मांगा जा रहा है वह नाबालिग है। उसके बाद सिस्टम अभिभावक का केवाईसी का विकल्प देगा। नाबालिगों को अभिभावक का केवाईसी अपलोड करना होगा, जिसमें सहमति पत्र भी देना होगा।

