बदलाव : परिषदीय स्कूलों में मिलेगा ‘ग्रेड’ वाला रिपोर्ट कार्ड, प्राप्तांक के आधार पर ग्रेडिंग: महानिदेशक का आदेश
यूपी में परिषदीय स्कूलों के बच्चों के रिपोर्ट कार्ड में अंकों की जगह अब ग्रेड दिए जाएंगे। इसमें छात्र व अभिभावकों का फीडबैक भी शामिल होगा। समग्र रिपोर्ट कार्ड में नए शैक्षिक सत्र 2026-27 से यह बदलाव होगा। इसके लिए संशोधित प्रारूप जारी कर दिया गया है। रिपोर्ट कार्ड पर क्यूआर कोड भी होगा, जिसे स्कैन करने पर पूरी जानकारी ऑनलाइन मिलेगी।
परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में पढ़ने वाले करीब 1.50 करोड़ से अधिक विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा। रिपोर्ट कार्ड में अब कहीं पर कोई अंक नहीं लिखा जाएगा। कक्षा में सीखने के स्तर को स्काई, माउंटेन व स्ट्रीम तीन श्रेणियों में बांटकर आंका जाएगा। सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन वाले छात्र को स्काई श्रेणी में रखते हुए तीन स्टार दिए जाएंगे। जिसका मतलब होगा कि यह कक्षा व आयु के अनुसार उच्चतम स्तर पर है। वह सीखने के लिए खुले आकाश की तरह विस्तृत और आत्मविश्वासी है। मध्यम श्रेणी के छात्र माउंटेन श्रेणी में होंगे और इन्हें दो स्टार मिलेंगे। इसका मतलब होगा विद्यार्थी स्थिर व सशक्त प्रगति पर है। वह अवधारणा को समझ चुका है और ऊंचाई की ओर बढ़ रहा है। स्ट्रीम श्रेणी में एक स्टार दिया जाएगा। यह प्रारंभिक स्तर माना जाएगा। यह वह अवस्था है, जहां विद्यार्थी में सीखने की शुरुआत हो चुकी है, पर अभी गहराई व प्रवाह विकसित होना बाकी है।
प्राप्तांक के आधार पर ग्रेडिंग
शैक्षिक परीक्षा परिणाम के लिए संबंधित विषय में मिले प्राप्तांक के आधार पर ग्रेडिंग होगी।
ए-1 ग्रेड 91-100% अंक,
ए-2 ग्रेड 81-90% अंक,
बी-1 ग्रेड 71-80% अंक,
बी-2 ग्रेड 61-70% अंक,
सी-1 ग्रेड 51-60% अंक,
सी-2 ग्रेड 41-50% अंक,
डी-1 ग्रेड 33-40% अंक
डी-2 ग्रेड 32% व उससे कम अंक मिलने पर दिया जाएगा।
सभी विषयों में शैक्षिक परीक्षा परिणाम में प्रथम सत्र परीक्षा, अर्द्धवार्षिक परीक्षा, द्वितीय सत्र परीक्षा व वार्षिक परीक्षा के ग्रेड लिखे जाएंगे। महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी की ओर नए समग्र रिपोर्ट कार्ड का प्रारूप जारी किया गया है।

