बिंदकी। जनगणना की प्रक्रिया में शिक्षकों की ड्यूटी पर गड़बड़ी से गुस्सा फूंट पड़ा है। एक ब्लाक से दूसरे ब्लाक में तैनाती होने से गहराई समस्याओं से हंगामा कांटा। एकजुट शिक्षकों ने अफसरों से ड्यूटी में बदलाव के लिए जोरदार प्रदर्शन किया।तहसीलदार को ज्ञापन देते हुए संबंधित ब्लाक में ड्यूटी लगाने के अलावा अन्य समस्याओं का निस्तारण करने की बात कही है। तहसील क्षेत्र की चार ब्लाक अमौली, देवमई, खजुहा व मलवा स्थित प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षक शिक्षिकाएं भारी संख्या में एकजुट हो गए। जनगणना के लिए लगाई गई ड्यूटी पर गंभीर नाराजगी व्यक्त की। प्राथमिक शिक्षक संघ के नेतृत्व में शिक्षकों ने अपनी आवाज बुलंद की।
बताया ब्लाक में तैनाती के बावजूद दूसरे ब्लाक में ड्यूटी लगाने से समस्याएं खड़ी होने लगी है। अपरिचित स्थान में काम करना बेहद कठिन है, आने जाने की समस्या से लेकर दिव्यांग, गर्भवती, बीमार शिक्षकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी व लू चलने के बावजूद तैनाती में गड़बड़ी की गई है। शिक्षक शिक्षिकाओं ने शिक्षक एकता जिंदाबाद के नारे लगाते हुए जमकर हंगामा काटा। संघ के अध्यक्ष बलराम सिंह का कहना है कि जिले की दोनों तहसीलों में संबंधित ब्लाक में तैनाती की गई है, जबकि बिंदकी तहसील में ही एक ब्लाक से दूसरी ब्लाक में तैनाती कर दी गई। ऐसे में शिक्षक शिक्षिकाओं की समस्या बढ़ेगी। देवमई संघ अध्यक्ष जितेंद्र, मलवा संघ के राम बहादुर, खजुहा के योगेंद्र, अमौली संघ के महामंत्री दयाराम सहित सैकड़ों शिक्षक शिक्षिकाएं तहसीलदार अचिलेश को ज्ञापन सौंपा। तहसीलदार ने आश्वासन दिया कि समस्याएं हल की जाएंगी। यहां पर नीलम सिंह भदोरिया, अरुण, गीता, विजय नारायण, अनीता वर्मा, कल्पना, मोनिका, मोहनलाल, हिना, जसवंत सहित तमाम शिक्षक शिक्षिकाएं रहे.
सामान वितरण में बरती गई खामी
गुरुवार को प्रगणकों को वितरित की गई सामग्री में बड़े पैमाने में खामी सामने आई। हुसैनगंज बीआरसी मे्ं प्रगणकों को किट में दो बैग (काला और बैगनी) वितरित किए गए। बैगनी बैग में कई सामान तय मानक से अधिक निकल रहे है, जबकि काले बैग में सिर्फ टोपी, आईकार्ड के लिए रिबन समेत आधा अधूरा सामान वितरित किए जाने से ड्यूटी करने वाले शिक्षकों में नाराजगी है।
किसी को 40 तो किसी को दो सौ आवास
कई प्रगणकों का आरोप हैं कि जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराए गए नक्शे में भी भेदभाव किया गया है। किसी के नक्शे में 40 भवन है तो किसी के पास 200 आवासों का नक्शा थमाया गया है। शिक्षकों ने इसकी शिकायत एबीआरसी से की है।
