अब आपात स्थिति में पलक झपकते ही अलर्ट होगा देश, केंद्र ने लॉन्च किया ‘सेल ब्रॉडकास्ट’ सिस्टम
नई दिल्ली: देश में आपदा प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए केंद्र सरकार ने ‘सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम’ लॉन्च किया है। इस नई प्रणाली के जरिए बिना इंटरनेट के भी मोबाइल फोन पर आपातकालीन अलर्ट संदेश तुरंत भेजे जा सकेंगे।
शनिवार को इस सिस्टम का ट्रायल किया गया, जिसके तहत सुबह 11:42 बजे देशभर के करोड़ों मोबाइल यूजर्स के फोन पर अचानक तेज बीप की आवाज के साथ अलर्ट संदेश आया। स्क्रीन पर लाल निशान के साथ “अत्यधिक गंभीर अलर्ट” का संदेश फ्लैश हुआ। इस अचानक आए संदेश से कई लोग घबरा गए—किसी को लगा फोन हैक हो गया है, तो किसी को वायरस या डिजिटल अरेस्ट का शक हुआ। हालांकि कुछ ही देर बाद स्पष्ट कर दिया गया कि यह एक टेस्ट मैसेज है और किसी घबराहट की जरूरत नहीं है।
सरकार का कहना है कि इस तरह के परीक्षण समय-समय पर किए जाएंगे, ताकि नेटवर्क में सुधार कर पूरे देश में यह प्रणाली सुचारू रूप से काम कर सके।
बिना इंटरनेट भी पहुंचेगा अलर्ट
इस नई तकनीक की खास बात यह है कि यह मोबाइल नेटवर्क के जरिए काम करती है और इसके लिए इंटरनेट की आवश्यकता नहीं होती। यहां तक कि यदि मोबाइल साइलेंट या ‘डू नॉट डिस्टर्ब’ (DND) मोड में भी हो, तब भी यह अलर्ट संदेश प्राप्त होगा।
कैसे अलग है सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम
पारंपरिक एसएमएस सिस्टम में संदेश एक-एक नंबर पर भेजे जाते हैं, जिससे नेटवर्क जाम होने पर देरी हो सकती है। वहीं, सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक एक साथ पूरे क्षेत्र के सभी मोबाइल फोन पर संदेश भेजती है, जिससे अलर्ट लगभग रियल-टाइम में पहुंचता है।
आपदा के समय बेहद उपयोगी
सरकार के अनुसार, यह सिस्टम भूकंप, सुनामी, गैस लीक, युद्ध जैसी आपात स्थितियों में कुछ ही सेकंड में लोगों को सतर्क कर सकता है। इससे जान-माल के नुकसान को कम करने में मदद मिलेगी।
तकनीक का इतिहास
सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक का विकास 1990 के दशक में यूरोपियन टेलीकम्युनिकेशंस स्टैंडर्ड्स इंस्टिट्यूट द्वारा किया गया था और 1997 में पेरिस में इसका पहला प्रदर्शन हुआ था।
सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि इस प्रकार के अलर्ट संदेशों को गंभीरता से लें और घबराने के बजाय सतर्क रहें। यह नई प्रणाली देश की सुरक्षा और आपदा प्रबंधन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

