डीएम के कराए औचक निरीक्षण में परिषदीय स्कूलों की खुली पोल
जिले के परिषदीय विद्यालयों की शैक्षणिक व व्यवस्थागत स्थिति को जानने के लिए जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल के निर्देश पर किए गए औचक निरीक्षण में परिषदीय विद्यालयों में गंभीर लापरवाही सामने आईं हैं। कहीं स्टाफ नदारद मिला तो, कहीं मिडडेमील के नाम पर केवल औपचारिकता भर की जा रही थी तो, कहीं बच्चों के नामांकन कम मिले। डीएम ने 15 मई को शिक्षा विभाग से इतर जिला, तहसील व विकासखंड स्तर के अधिकारियों से औचक निरीक्षण कराया था। डीएम के निर्देश पर एक साथ कुल 57 परिषदीय विद्यालयों का निरीक्षण किया गया, जिसमें कई विद्यालयों में गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। जिलाधिकारी ने निरीक्षण रिपोर्ट पर कड़ी नाराजगी जताते हुए दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
निरीक्षण के दौरान हुई कमियाँ
डीएम के मुताबिक 15 मई को कराए गए औचक निरीक्षण के दौरान 16 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व कम्पोजिट विद्यालयों में नामांकित छात्र संख्या की तुलना में छात्र उपस्थिति 50 प्रतिशत अथवा उससे भी कम पाई गई। इसे शिक्षा व्यवस्था के लिए अत्यंत चिंताजनक माना गया है। यह विद्यालयों में शैक्षणिक वातावरण और निगरानी व्यवस्था की कमजोरी का संकेत है। डीएम ने बताया कि विकासखंड रजपुरा में प्राथमिक विद्यालय जियानगला द्वितीय के सहायक अध्यापक चमनप्रकाश शर्मा, प्राथमिक विद्यालय बगढेर की शिक्षामित्र आभा सक्सेना, प्राथमिक विद्यालय आर्थल की शिक्षामित्र प्रियंका यादव तथा कम्पोजिट विद्यालय सैंडोरा की अनुदेशक सीमी यादव बिना किसी सूचना के अनुपस्थित मिलीं। वहीं विकासखंड गुन्नौर में उच्च प्राथमिक विद्यालय चन्दपुरा के अनुदेशक राजीव कुमार और कम्पोजिट विद्यालय मेहुआ हसनगंज के अनुदेशक शीलचन्द्र सिंह भी विद्यालय से अनुपस्थित पाए गए। इसके अलावा पीएम पोषण योजना की व्यवस्थाओं में भी गंभीर लापरवाही सामने आई है। कई विद्यालयों में मैन्यू के मुताबिक बच्चों को भोजन नहीं दिया गया था। जांच टीमों को कई विद्यालयों में साफ-सफाई का आभाव मिला। ऑपरेशन कायाकल्प के पैरामीटर भी शत-प्रतिशत संतृप्त नहीं मिले। मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित के विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
फल वितरण में अनियमितताएँ
मेन्यू के मुताबिक नहीं वितरित किए फल
बहजोई। निरीक्षण के दौरान विकासखंड रजपुरा के कम्पोजिट विद्यालय भैंसरौली व कम्पोजिट विद्यालय तुमरिया खादर में निर्धारित मेन्यू के मुताबिक बच्चों को फल वितरित नहीं किए गए थे। इसके अलावा प्राथमिक जियानगला द्वितीय में सुबह साढ़े नौ बजे तक मध्यान्ह भोजन का वितरण शुरू नहीं कराया गया था, जिस पर अधिकारियों ने नाराजगी जताई।
कायाकल्प के पैरामीटर में खामियाँ
बहजोई। निरीक्षण के समय रजपुरा के 11 विद्यालयों में साफ-सफाई की स्थिति खराब मिली, जबकि ऑपरेशन कायाकल्प के तहत 28 विद्यालय निर्धारित 19 पैरामीटर्स पर शत-प्रतिशत संतृप्त नहीं पाए गए। इसके अलावा प्राथमिक विद्यालय बहट करन में बच्चों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकों का वितरण भी नहीं किया गया था।
जिलाधिकारी का वर्जन
परिषदीय विद्यालयों में लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण में मिली कमियों को गंभीरता से लिया गया है। अनुपस्थित कार्मिकों और अव्यवस्थाओं के लिए जिम्मेदार लोगों से जवाब मांगा गया है। शिक्षा, स्वच्छता और पीएम पोषण योजना की गुणवत्ता सुनिश्चित कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।
अंकित खंडेलवाल, जिलाधिकारी, संभल।
शिक्षा अधिकारियों का वर्जन
निरीक्षण में जिन विद्यालयों में अनियमितताएं मिली हैं, वहां के प्रधानाध्यापकों, शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को नोटिस जारी कर एक सप्ताह में स्पष्टीकरण मांगा गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर संबंधितों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अलका शर्मा, बीएसए, संभल।

