शिक्षामित्र ने तमंचे से खुद को मार ली गोली, गई जान
घरवालों का दावा - जनगणना ड्यूटी से तनाव में थे
विद्यालय से लौटने के बाद की खुदकुशी
कटरा मेदनीगंज (प्रतापगढ़)। विद्यालय से घर लौटे बहलोलपुर निवासी शिक्षामित्र योगेंद्र सरोज (35) ने खुद को गोली मारकर जान दे दी। चचेरे भाई विजय सरोज का दावा है कि एसआईआर में ड्यूटी के दौरान योगेंद्र का स्वास्थ्य खराब हो गया था।
एसआईआर ड्यूटी खत्म होने के बाद जनगणना का काम भी उन्हें दे दिया गया था। योगेंद्र ने अफसरों से छुट्टी कटवाने की मांग की थी। ड्यूटी न कटने से वह तनाव में थे।
परिजनों ने बताया कि योगेंद्र घर के पास ही प्राथमिक विद्यालय में शिक्षामित्र थे। दोपहर करीब एक बजे विद्यालय से घर लौटे। उनकी तबीयत ठीक नहीं लग रही थी। आराम करने की बात कहकर अपने कमरे में चले गए। दोपहर करीब दो बजे उनके कमरे से फायर की आवाज आई। इस पर घरवाले उनकी ओर दौड़ पड़े। मौके पर देखा तो कनपटी पर जख्म था और पास में तमंचा पड़ा था।
लहूलुहान हालत में उन्हें मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। सीओ सिटी प्रशांत राज पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। घरवालों से पूछताछ की। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्रित किए। उधर, पत्नी विभा सरोज और बेटी रितिका व विनिता का रो-रोकर बुरा हाल है।
परिजन पहुंचे डीएम आवास : शव का रात में ही पोस्टमार्टम कराने के लिए परिजन डीएम आवास पहुंचे। डीएम से मुलाकात नहीं होने पर परिजन निराश होकर लौट गए। परिजन रात में ही पोस्टमार्टम कराने की जिद करते रहे।
— प्रशांत राज, सीओ सिटी
“तमंचे की उपलब्धता की भी जांच कराई जा रही है।”

