यूपी में एआरपी चयन में वाराणसी बना नंबर-1, 100% तैनाती पूरी; कई जिलों ने भी हासिल की बड़ी सफलता
Lucknow: उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए चलाए जा रहे Academic Resource Person (ARP) चयन अभियान में वाराणसी ने प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। जिले ने 100 प्रतिशत एआरपी तैनाती पूरी कर मिसाल पेश की है।
बेसिक शिक्षा विभाग का उद्देश्य प्रशिक्षित शैक्षणिक नेतृत्व के माध्यम से विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था को मजबूत करना और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) तथा निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को तेजी से हासिल करना है।
वाराणसी ने हासिल किया पहला स्थान
विभागीय जानकारी के अनुसार:
वाराणसी – 100% एआरपी तैनाती
देवरिया – 98%
हाथरस – 98%
बस्ती – 95%
कौशांबी – 95%
इसके अलावा अलीगढ़, सिद्धार्थनगर और कुशीनगर भी 90 प्रतिशत से अधिक एआरपी तैनाती वाले जिलों में शामिल हैं।
एआरपी की क्या होगी भूमिका?
चयनित Academic Resource Persons (ARP) विद्यालयों में शिक्षकों को शैक्षणिक सहयोग, मार्गदर्शन और कक्षा शिक्षण की गुणवत्ता सुधारने में सहायता प्रदान करेंगे। उनका मुख्य उद्देश्य विद्यालयों में प्रभावी शिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा देना और छात्रों की सीखने की क्षमता में सुधार करना है।
निपुण भारत मिशन को मिलेगा बल
बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (Foundational Literacy and Numeracy) को मजबूत करने के लिए 39 जिलों में जिला समन्वयक (निपुण) का चयन भी पूरा हो चुका है। विभाग का मानना है कि यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर फोकस
बेसिक शिक्षा विभाग मानव संसाधनों के मजबूत अकादमिक ढांचे के माध्यम से परिषदीय विद्यालयों में स्थायी सुधार लाने की दिशा में काम कर रहा है। एआरपी और जिला समन्वयकों की सक्रिय भूमिका से शिक्षकों को नियमित शैक्षणिक सहयोग मिलेगा, जिससे बच्चों की सीखने की गुणवत्ता में सुधार आने की उम्मीद है।
नोट: यह जानकारी विभागीय चयन एवं तैनाती से संबंधित उपलब्ध समाचार के आधार पर तैयार की गई है। विस्तृत एवं आधिकारिक जानकारी के लिए बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेशों का अवलोकन करें।
