1981 सरप्लस शिक्षकों की सूची पर 387 आपत्तियां
बाराबंकी। बंद व एकल परिषदीय स्कूलों को दोबारा गुलजार करने के लिए हाईकोर्ट के आदेश पर 635 शिक्षकों के समायोजन की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। सरप्लस शिक्षकों की सूची पर आईं 387 आपत्तियों का निस्तारण कर फाइनल सूची शुक्रवार को सीधे कोर्ट के सामने प्रस्तुत की जाएगी। आपत्तियों में अधिकांश का यही कहना है कि बाद में आए शिक्षकों से सरप्लस की स्थिति बनी है तो सूची में उनका नाम क्यों शामिल किया गया है।
रुआत में विभाग ने जब कनिष्ठ शिक्षकों के समायोजन की प्रक्रिया शुरू की तो शिक्षक इसके विरोध में हाईकोर्ट पहुंच गए। इस पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने कनिष्ठ के बजाय वरिष्ठ शिक्षकों को समायोजित करने का आदेश सुनाया। कोर्ट के इस रुख के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने बीईओ से नए सिरे से सरप्लस शिक्षकों की सूची तैयार कराई।
इस छानबीन में जिले के 2,618 परिषदीय स्कूलों में कुल 1,981 शिक्षक सरप्लस पाए गए हैं, जिनमें 1,047 शिक्षक अपर प्राइमरी के और 934 शिक्षक प्राइमरी के शामिल हैं। एनआईसी पोर्टल पर सूची सार्वजनिक होते ही महकमे में खलबली मच गई और अंतिम तिथि तक विभाग को 387 शिक्षकों की आपत्तियां मिली।
इसमें सबसे अधिक विरोध बंकी, देवा और निंदूरा ब्लॉक के शिक्षकों ने दर्ज कराया है। बरसों से जमे वरिष्ठ शिक्षकों का सीधा और तार्किक सवाल है कि उनके बाद विद्यालय में तैनात किए गए शिक्षकों की वजह से सरप्लस की स्थिति पैदा हुई है। ऐसे में गाज उन पर गिराना पूरी तरह गलत है। वहीं, कई शिक्षकों ने कहा कि स्कूल में उनके विषय का कोई दूसरा विकल्प ही नहीं है। इसके बावजूद उनका नाम सूची में डाल दिया गया है, जिससे वहां पढ़ाई ठप हो जाएगी।
शिक्षकों की सभी शिकायतों का निस्तारण बृहस्पतिवार तक हर हाल में कर फाइनल सूची तैयार कर ली जाएगी और इसे न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया जाएगा। इस कवायद के बाद जिले के बंद और एकल स्कूलों को नए शिक्षक मिलेंगे, जिससे नौनिहालों की पढ़ाई सुचारू हो सकेगी।

