बेसिक शिक्षा में तबादले के लिए मिले 6000 आवेदन, 25 जिलों में मानक से कम शिक्षक
लखनऊ। प्रदेश में बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षकों के एक से दूसरे जिले में तबादले की प्रक्रिया चल रही है। इसके तहत आवेदन की अंतिम तिथि समाप्त हो गई है। अब तक 6000 से ज्यादा शिक्षकों ने तबादले के लिए आवेदन किया है। वहीं शासन ने स्पष्ट किया है कि दंपती मामले में केवल आवेदन करने वाले का ही तबादला किया जाएगा। दोनों में से किसी एक का नहीं।
बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि चार जून को जारी शासनादेश में तबादले के लिए पांच बिंदु दिए गए हैं। इसमें यह स्पष्ट किया जा रहा है कि पति और पत्नी यदि दोनों बेसिक शिक्षा के विद्यालयों में शिक्षक हैं, तो पति व पत्नी में से जिसके द्वारा तबादले के लिए आवेदन किया जाएगा, केवल उसी के तबादले पर विचार किया जाएगा। आवेदन न करने वाले पति-पत्नी का तबादला नहीं किया जाएगा।
बता दें कि पूर्व में जारी आदेश को लेकर शिक्षकों के बीच यह संदेश गया था कि आवेदन के बाद जिस जिले का शिक्षक-छात्र अनुपात कम होगा, पति-पत्नी दोनों में से किसी को भी वहां भेजा जाएगा। इसकी वजह से काफी शिक्षकों ने तबादले के बाद अपना आवेदन भी निरस्त कर लिया था। जबकि काफी शिक्षकों ने निदेशालय में धरना भी दिया था।
केवल आवेदन करने वाले शिक्षक का ही होगा तबादला
दंपती के आवेदन मामले में शासन ने फिर किया स्पष्ट
25 जिलों में मानक से कम शिक्षक
शासन ने प्रदेश के परिषदीय व कंपोजिट स्कूलों का पीपुल्स-टीचर रेशियो (पीटीआर) जारी किया गया है। इसमें श्रावस्ती में 71 छात्रों पर सिर्फ एक शिक्षक हैं। 25 जिलों में प्राथमिक स्तर पर 30 छात्रों पर एक शिक्षक के मानक से कम अध्यापक हैं। इटावा में 17 छात्रों पर एक शिक्षक हैं। मथुरा में 20 छात्रों पर एक शिक्षक हैं।
वहीं श्रावस्ती के अलावा बहराइच ऐसा जिला है, जहां पर 58 छात्रों पर एक शिक्षक हैं। बदायूं में 50 छात्रों पर एक, संभल में 48 पर एक, लखीमपुर खीरी में 47 पर एक, सोनभद्र में 46 पर एक, बलरामपुर में 45 पर एक, पीलीभीत में 44 पर एक और मिर्जापुर में 42 छात्रों पर एक शिक्षक तैनात हैं। यहां मानक से बहुत कम शिक्षक हैं।
इसके बाद भी सर्वाधिक आवेदन इसी के तहत हुए हैं। तबादले की प्रक्रिया 30 जून तक पूरी होगी।

