69000 शिक्षक भर्ती: उत्तर कुंजी को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम पर संयुक्त लीगल टीम का बयान
लखनऊ। 69000 शिक्षक भर्ती प्रकरण में उत्तर कुंजी (Answer Key) से जुड़े एक कथित स्क्रीनशॉट को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं के बीच संयुक्त लीगल टीम 69000 ने अभ्यर्थियों और कार्यरत शिक्षकों से संयम बनाए रखने तथा केवल अधिकृत सूचनाओं पर विश्वास करने की अपील की है।
टीम की ओर से जारी सूचना में कहा गया है कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा एक कटे-फटे एवं अधूरे स्क्रीनशॉट को भ्रामक तरीके से प्रसारित किया जा रहा है, जिससे अभ्यर्थियों और शिक्षकों के बीच अनावश्यक भ्रम की स्थिति उत्पन्न करने का प्रयास किया जा रहा है।
संयुक्त लीगल टीम के अनुसार, प्रथम दृष्टया यह उत्तर उस अवमानना (Contempt) याचिका से संबंधित प्रतीत होता है, जिसे एक अभ्यर्थी द्वारा प्रस्तुत किया गया था। टीम का कहना है कि सचिव स्तर से यह उल्लेख किया जाना कि संशोधित चयन सूची तैयार होने के बाद अंतिम निर्धारित मेरिट के अनुसार आगे की प्रक्रिया संपादित की जाएगी, कोई नई या असामान्य बात नहीं है। उत्तर कुंजी से संबंधित लाभ भी अंतिम मेरिट और पात्रता के आधार पर ही निर्धारित होंगे।
टीम ने स्पष्ट किया कि पिछली सुनवाई के दौरान न्यायालय तथा सरकार दोनों की ओर से यह कहा गया था कि आगामी तिथि पर ऐसे आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों की संख्या साझा की जाएगी, जो उच्च न्यायालय के आदेशों के दायरे में आते हैं लेकिन वर्तमान में सेवा में नहीं हैं। वहीं कार्यरत शिक्षकों के संबंध में न्यायालय के समक्ष पहले ही स्पष्ट किया जा चुका है कि उनके विषय में कोई नई कार्रवाई या निर्णय आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।
बयान में कहा गया है कि न्यायालय के आदेशों का मूल उद्देश्य भी यही रहा है कि उत्तर कुंजी से संबंधित लाभ केवल उन्हीं अभ्यर्थियों को प्राप्त हों, जो अंतिम चयन सूची में संबंधित अंकों के आधार पर चयनित होने की पात्रता रखते हों। ऐसे में उत्तर कुंजी से जुड़े पत्राचार को लेकर उत्पन्न किया जा रहा विवाद मूल मुद्दे से प्रत्यक्ष रूप से संबंधित नहीं है।
संयुक्त लीगल टीम ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित अधूरी जानकारी, कटे-फटे दस्तावेजों अथवा अपुष्ट दावों के आधार पर कोई निष्कर्ष न निकालें। विधिक मामलों में प्रत्येक दस्तावेज को उसके पूर्ण संदर्भ में समझना आवश्यक होता है।
टीम ने यह भी बताया कि शासन स्तर के अधिकारियों द्वारा पैरवीकार साथियों को समय दिया गया है तथा अधिकारियों से होने वाली बैठक के बाद प्राप्त महत्वपूर्ण जानकारियों और संकेतों को विस्तार से साझा किया जाएगा।
टीम के अनुसार, आगामी सुनवाई की तिथि अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसे देखते हुए जनप्रतिनिधियों, शासन और प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों के साथ निरंतर संवाद जारी है तथा सकारात्मक और तथ्यपरक तरीके से पक्ष रखने का प्रयास किया जा रहा है।
अंत में संयुक्त लीगल टीम 69000 ने सभी साथियों से धैर्य, एकजुटता और सकारात्मकता बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि कार्यरत शिक्षकों की सेवा-सुरक्षा और नौकरी बचाने के उद्देश्य से टीम लगातार प्रयासरत है तथा केवल अधिकृत एवं प्रमाणित सूचनाओं पर ही विश्वास किया जाना चाहिए।

