Primary Ka Master Latest Updates👇

Monday, June 8, 2026

प्रवेश के नाम पर 7.37 करोड़ रुपये की अनियमितता के आरोपों की जांच शुरू, डीएम को सौंपी गई जांच

 प्रवेश के नाम पर 7.37 करोड़ रुपये की अनियमितता के आरोपों की जांच शुरू, डीएम को सौंपी गई जांच

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय में प्रवेश प्रक्रिया के दौरान कथित 7.37 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता के आरोपों की जांच शुरू हो गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए शासन स्तर पर कार्रवाई करते हुए प्रयागराज के जिलाधिकारी (DM) को जांच सौंपी गई है।





प्राप्त जानकारी के अनुसार यह मामला शैक्षिक सत्र 2015-16 से 2019-20 के बीच हुए प्रवेशों से जुड़ा है। शिकायतकर्ता ने विश्वविद्यालय के कुछ अधिकारियों पर प्रवेश शुल्क और बैंक चालानों से संबंधित वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। इस संबंध में शिकायत सीबीआई सहित विभिन्न स्तरों पर भी भेजी गई थी।


क्या हैं आरोप?

शिकायतकर्ता का दावा है कि पांच वर्षों के दौरान विश्वविद्यालय में प्रवेश के लिए जारी किए गए बैंक चालानों और अंतिम प्रवेश संख्या के आधार पर प्राप्त धनराशि में बड़ा अंतर सामने आया है। आरोप है कि बैंक चालानों के अनुसार जमा हुई राशि और विश्वविद्यालय के खातों में दर्ज राशि के बीच करीब 7 करोड़ 37 लाख 30 हजार 757 रुपये का अंतर पाया गया।


शिकायत में यह भी कहा गया है कि संबंधित वर्षों में जारी किए गए ऑनलाइन चालानों और प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के आंकड़ों का मिलान करने पर वित्तीय गड़बड़ी की आशंका सामने आती है।


डीएम की निगरानी में होगी जांच

शासन के निर्देश पर जिलाधिकारी ने मामले की जांच के लिए अधिकारियों की एक टीम गठित कर दी है। जांच टीम बैंक रिकॉर्ड, प्रवेश आंकड़ों, चालानों तथा वित्तीय दस्तावेजों का परीक्षण करेगी और अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगी।


विश्वविद्यालय प्रशासन ने आरोपों को बताया निराधार

मामले पर विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रही है और सभी वित्तीय विवरण समय-समय पर संबंधित विभागों को उपलब्ध कराए जाते रहे हैं। उनका कहना है कि अब तक किसी भी ऑडिट में इस प्रकार की कोई आपत्ति सामने नहीं आई है।


अधिकारियों के अनुसार वर्ष 2010 से लेकर 2018 तक तथा उसके बाद भी प्रवेश और परीक्षा संबंधी आंकड़े नियमित रूप से वित्त विभाग को भेजे जाते रहे हैं और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संचालित की गई है।


जांच रिपोर्ट के बाद होगा खुलासा

अब सभी की नजर डीएम की जांच रिपोर्ट पर टिकी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वित्तीय अनियमितता के आरोपों में कितनी सच्चाई है और क्या वास्तव में प्रवेश प्रक्रिया में किसी प्रकार की गड़बड़ी हुई थी।


मुख्य बिंदु

राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय में 7.37 करोड़ रुपये की कथित अनियमितता का मामला।


2015-16 से 2019-20 के बीच हुए प्रवेशों से जुड़ा विवाद।


शिकायत के बाद डीएम को सौंपी गई जांच।


बैंक चालान और प्रवेश शुल्क के आंकड़ों में अंतर का आरोप।


विश्वविद्यालय प्रशासन ने आरोपों को निराधार बताया।


जांच रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।



प्रवेश के नाम पर 7.37 करोड़ रुपये की अनियमितता के आरोपों की जांच शुरू, डीएम को सौंपी गई जांच Rating: 4.5 Diposkan Oleh: UP UPDATEMART

Social media link