नियोजित शिक्षिका को प्रधानाध्यापक के पद पर प्रोन्नति देने का आदेश
पटना उच्च न्यायालय ने एक नियोजित शिक्षिका, जो संप्रति प्रभारी प्रधानाध्यापिका हैं, को प्रधानाध्यापक के पद पर प्रोन्नति देने का आदेश दिया है। मनिता कुमारी नाम की शिक्षिका ने
गया डीईओ को छह सप्ताह में फैसला देने का निर्देश
पटना उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर कहा था कि वह पिछले 12 वर्षों से पढ़ा रही हैं और अभी प्रभारी प्रधानाध्यापिका हैं। नियम के हिसाब से उन्हें प्रधानाध्यापक के पद पर प्रोन्नति मिलनी चाहिये, लेकिन इससे उन्हें अब तक वंचित रखा गया है। मामले से जुड़े सभी पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने कहा कि वह तीन हफ्ते के अंदर गया के जिला शिक्षा पदाधिकारी को फिर से पूरे कागज़ात के साथ
अर्जी दें। उस पर गया के जिला शिक्षा पदाधिकारी को छह हफ्ते में फैसला लेना होगा। अगर शिक्षिका सही पायी गयीं, तो आठ हफ्ते के अंदर प्रोन्नति और सारे बकाया पैसे देने होंगे।
याचिकाकर्ता के वकील का तर्क था कि याचिकाकर्ता का मामला स्नातक प्रशिक्षित वेतनमान और प्रधानाध्यापक के पद के लिए है, जिसके लिए इस न्यायालय की समन्वय पीठ द्वारा सीडब्ल्यूजेसी संख्या 6391/2021 में नौ दिसंबर, 2024 को दिए गए निर्णय के बिल्कुल अनुसार उचित अभ्यावेदन दायर किया गया है और आगे 50 प्रतिशत पदोन्नति कोटा के संबंध में खाली पद उपलब्ध है, जो याचिकाकर्ता के अनुसार उस वर्ष तक नहीं भरा गया है जिसके लिए याचिकाकर्ता हकदार थी। याचिकाकर्ता अभी भी प्रभारी प्रधानाध्यापक का कर्तव्य निभा रही है और बिना किसी कारण के, याचिकाकर्ता के मामले पर विचार नहीं किया गया है, जबकि प्रधानाध्यापक के पद पर पदोन्नति के लिए विशेष अभ्यावेदन दिया गया था।

