प्रयागराज,
मथुरा के परिषदीय स्कूल में कार्यरत एक शिक्षक ने परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय के रजिस्ट्रार का फर्जी हस्ताक्षर बनाकर टीईटी प्रमाणपत्र की फर्जी सत्यापन रिपोर्ट भेज दी।
सत्यापन शाखा पर शक हुआ तो एक खंड शिक्षा अधिकारी को पीएनपी कार्यालय भेजा गया। वहां पूछताछ में पता चला कि किसी कोई सत्यापन रिपोर्ट भेजी ही नहीं गई है। इससे कार्यालय के बाबुओं को भी भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है।
मथुरा के शिक्षक का मामला, परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय में जांच में हुआ खुलासा
शिक्षक के प्राथमिक स्तर की टीईटी 2013 का सत्यापन दिसंबर 2023 में बीएसए मथुरा ने मांगा था। आरटीआई से पता चला है कि तीन साल से सत्यापन रिपोर्ट भेजी ही नहीं गई।
इस बीच शिक्षक ने रजिस्ट्रार का फर्जी हस्ताक्षर बनाकर बीएसए कार्यालय में सत्यापन रिपोर्ट दे दी कि टीईटी में उसे 150 अंक मिले हैं और वह पास है। मामले की पड़ताल पर पता चला कि पीएनपी से ऐसी कोई रिपोर्ट भेजी नहीं गई थी और शिक्षक ने जो अंक लगाए थे, वह भी सही नहीं हैं।
हालांकि, इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं है कि तीन साल तक सत्यापन रिपोर्ट क्यों नहीं भेजी गई। रजिस्ट्रार टीईटी सिंह की कहें तो विभाग के उनके हस्ताक्षर से ऐसी कोई सत्यापन रिपोर्ट नहीं भेजी गई है।
