शिक्षकों की छुट्टी पर अधिकतम सात दिनों में लेना होगा फैसला
शिक्षा विभाग ने राज्य के सरकारी विद्यालयों में कार्यरत प्रधानाध्यापकों, प्रधान शिक्षकों, सहायक शिक्षकों, विशिष्ट शिक्षकों और विद्यालय अध्यापकों (स्थानीय निकाय शिक्षकों को छोड़कर) के अवकाश स्वीकृति की प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए नया आदेश जारी किया है. विभाग ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को इस संबंध में जारी आदेश में कहा है कि विभिन्न जिलों में अवकाश स्वीकृति की प्रक्रिया में एकरूपता की कमी के कारण शिक्षकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था. इसे देखते हुए अवकाश मंजूरी के लिए सक्षम प्राधिकार और समय-सीमा तय कर दी गयी है.
विशेष आकस्मिक अवकाश पर उसी दिन निर्णय
नये आदेश के अनुसार मातृत्व अवकाश, शिशु देखभाल अवकाश, पितृत्व अवकाश, उपार्जित अवकाश, आधे वेतन पर छुट्टी, रूपांतरित छुट्टी, असाधारण अवकाश और अवदेय छुट्टी जैसे अधिकांश अवकाशों पर जिला शिक्षा पदाधिकारी को आवेदन प्राप्त होने के सात कार्य दिवस के भीतर स्वीकृति या अस्वीकृति का निर्णय लेना होगा. वहीं, आकस्मिक अवकाश और महिला शिक्षकों के लिए विशेष आकस्मिक अवकाश के मामलों में आवेदन मिलने के दिन ही निर्णय लेने का प्रावधान किया गया है.
इ-शिक्षाकोष से ही होगा आवेदनः
विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी प्रकार के अवकाश के लिए आवेदन इ-शिक्षाकोष पोर्टल के माध्यम से ही किये जायेंगे. 23 जून के बाद ऑफलाइन माध्यम से प्राप्त अवकाश आवेदन पर विचार नहीं किया जायेगा. किसी भी प्रकार का भौतिक आवेदन स्वीकार नहीं होगा. सहायक शिक्षक, विशिष्ट शिक्षक और विद्यालय अध्यापकों के अवकाश आवेदन को विद्यालय प्रधान द्वारा तथा प्रधानाध्यापक/प्रधान शिक्षक के आवेदन को संबंधित प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी द्वारा तीन कार्य दिवस में अग्रसारित करना अनिवार्य होगा. यदि तय अवधि में निर्णय नहीं लिया जाता है, तो आवेदन स्वतः अग्रसारित माना जायेगा.

