परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत Academic Resource Persons (ARP) ने स्वयं को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त रखने की मांग उठाई है। एआरपी एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने बेसिक शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर कहा कि एआरपी का मुख्य कार्य शैक्षणिक सहयोग और विद्यालयों का अकादमिक मार्गदर्शन है, इसलिए उन्हें गैर-शैक्षणिक कार्यों में नहीं लगाया जाना चाहिए।
प्रतिनिधिमंडल ने एआरपी के शैक्षणिक भ्रमण, सेवा पुस्तिका में कार्यों का उल्लेख तथा तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा होने के बाद कार्य एवं व्यवहार के आधार पर नवीनीकरण सहित कई सुझाव भी अधिकारियों के सामने रखे। अधिकारियों ने इन मांगों पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया है।
शिक्षा विभाग का उद्देश्य
राज्य सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और आउट ऑफ स्कूल बच्चों को जल्द से जल्द नियमित विद्यालयी शिक्षा से जोड़ा जाए। साथ ही एआरपी की भूमिका को अधिक प्रभावी बनाकर विद्यालयों में शिक्षण गुणवत्ता में सुधार किया जाए।
