जर्जर स्कूल भवनों पर लगेगा बड़ा क्रॉस, बच्चों को सुरक्षित कक्षों में किया जाएगा शिफ्ट
लखनऊ। प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। अपर मुख्य सचिव बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सभी जिलों को स्कूलों के जर्जर भवनों की पहचान करने और तत्काल सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
जर्जर भवनों पर लगाया जाएगा बड़ा क्रॉस
अपर मुख्य सचिव ने कहा है कि जिन विद्यालयों के भवन जर्जर या असुरक्षित स्थिति में हैं, उन्हें तत्काल चिह्नित किया जाए। ऐसे भवनों पर बड़ा लाल क्रॉस (X Mark) लगाया जाएगा ताकि वहां विद्यार्थियों और शिक्षकों का प्रवेश रोका जा सके।
उन्होंने निर्देश दिया कि इन भवनों में पढ़ने वाले बच्चों को अतिरिक्त कक्षों, सुरक्षित भवनों या अन्य उपलब्ध कमरों में स्थानांतरित किया जाए, जिससे किसी भी प्रकार की दुर्घटना की संभावना न रहे।
स्कूल खुलने से पहले पूरी हों सभी तैयारियां
ग्रीष्मावकाश समाप्त होने के बाद विद्यालय खुलने से पहले सभी जरूरी व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें विशेष रूप से—
विद्यालय परिसर की साफ-सफाई
शौचालयों की व्यवस्था
पेयजल की उपलब्धता
बिजली आपूर्ति
कक्षाओं की सफाई
सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाएं
को प्राथमिकता देने को कहा गया है।
RTE के तहत सभी बच्चों का प्रवेश सुनिश्चित करने के निर्देश
बैठक में शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत निजी विद्यालयों में चयनित लेकिन अभी तक प्रवेश से वंचित बच्चों का दाखिला जल्द पूरा कराने पर भी जोर दिया गया।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि कोई भी पात्र बच्चा प्रवेश से वंचित न रहे।
KGBV में शत-प्रतिशत प्रवेश का लक्ष्य
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि गर्मी की छुट्टियों के बाद कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) खुलने पर छात्राओं का 100 प्रतिशत नामांकन और प्रवेश सुनिश्चित किया जाए।
स्कूल चलो अभियान को मिलेगी गति
प्रदेशभर में संचालित स्कूल चलो अभियान को और प्रभावी ढंग से चलाने के निर्देश दिए गए हैं। ड्रॉपआउट बच्चों को पुनः स्कूल से जोड़ने और नए विद्यार्थियों का नामांकन बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
कक्षा 8 पास विद्यार्थियों को मिलेगा माध्यमिक विद्यालय में प्रवेश
निर्देशों में कहा गया है कि परिषदीय विद्यालयों से कक्षा 8 उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों को निकटतम राजकीय या सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रवेश दिलाने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए, ताकि उनकी आगे की पढ़ाई बाधित न हो।
लंबित नियुक्तियों को जल्द पूरा करने पर जोर
बैठक में शिक्षा विभाग की लंबित भर्ती एवं नियुक्ति प्रक्रियाओं को भी तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए ताकि विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर हो सके।
विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
बेसिक शिक्षा विभाग का कहना है कि विद्यालयों में सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। जर्जर भवनों की पहचान, आवश्यक मरम्मत और वैकल्पिक व्यवस्था के माध्यम से छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी, ताकि नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत बेहतर माहौल में हो सके।

