शिक्षक स्थानांतरण नीति: दंपति शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश
क्या है पूरी स्थिति?
सोशल मीडिया पर वायरल और अधिकारियों के हवाले से साझा किए जा रहे संदेश में दंपति शिक्षकों को बेहद सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
सोच-समझकर आवेदन करें: महानिदेशक श्रीमती मोनिका रानी, निदेशक श्री अनिल भूषण चतुर्वेदी और सचिव श्री सुरेंद्र तिवारी के हवाले से यह कहा गया है कि यदि पति-पत्नी शिक्षक हैं और उनका सामान्य जीवन व्यवस्थित चल रहा है, तो उन्हें आवेदन करने से बचना चाहिए।
स्थानांतरण का आधार: यदि कोई एक भी आवेदन करता है, तो स्थानांतरण की प्रक्रिया में यह देखा जाएगा कि किस जनपद में शिक्षक-छात्र अनुपात कम है। उसी आधार पर पति या पत्नी को उस स्थान पर भेजा जाएगा जहाँ आवश्यकता अधिक है।
सरकारी आदेश (GO) की पुष्टि: इस संदर्भ में हुई बातचीत में यह स्पष्ट किया गया है कि सरकारी आदेश (GO) के अनुसार प्रक्रिया इसी तरह संचालित होगी।
निष्कर्ष: दंपति शिक्षकों को सलाह दी जाती है कि आवेदन भरने से पहले अपनी वर्तमान स्थिति और स्थानांतरण के बाद की संभावित परिस्थितियों का भली-भांति आकलन कर लें, क्योंकि सरकारी नियमों के तहत स्थानांतरण उस स्थान पर किया जा सकता है जहाँ शिक्षकों की आवश्यकता है, न कि इच्छा के अनुरूप।

