स्कूल खुलते ही शिक्षकों की कमी से जूझेंगे विद्यार्थी, पढ़ाई पर पड़ सकता है असर
ग्रेटर नोएडा। Summer Vacation के बाद जिले के सभी स्कूल 16 जून 2026 से दोबारा खुलने जा रहे हैं, लेकिन नए Academic Session की शुरुआत के साथ ही विद्यार्थियों को Teachers Shortage की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। इसकी मुख्य वजह बड़ी संख्या में शिक्षकों की Census (जनगणना) Duty में तैनाती है, जो 20 जून तक जारी रहेगी।
Census Duty के कारण प्रभावित हो सकती है पढ़ाई
शिक्षा विभाग द्वारा जनगणना कार्य के लिए परिषदीय और सहायता प्राप्त विद्यालयों के कई शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। स्कूल खुलने के बाद भी इन शिक्षकों को Census से जुड़ी जिम्मेदारियां निभानी होंगी। ऐसे में वे नियमित रूप से विद्यालय नहीं पहुंच पाएंगे, जिससे कई कक्षाओं में पढ़ाई Alternative Arrangement के सहारे संचालित करनी पड़ सकती है।
Session के शुरुआती दिन होते हैं महत्वपूर्ण
नए Session के शुरुआती दिन विद्यार्थियों के लिए काफी महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इसी दौरान New Syllabus की रूपरेखा तैयार की जाती है, Text Books Distribution होता है और विद्यार्थियों को विषयवार आवश्यक जानकारी दी जाती है। ऐसे समय में शिक्षकों की अनुपस्थिति का सीधा असर शैक्षणिक गतिविधियों पर पड़ सकता है।
सीमित स्टाफ वाले स्कूलों में बढ़ेगी परेशानी
विशेष रूप से उन विद्यालयों में अधिक दिक्कत हो सकती है, जहां पहले से ही शिक्षकों की संख्या कम है। ऐसे स्कूलों में कक्षाओं का संचालन और विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
16 जून से खुलेंगे सभी स्कूल
BSA राहुल पंवार ने बताया कि 15 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश समाप्त होने के बाद 16 जून 2026 से जिले के सभी विद्यालय फिर से खुल जाएंगे। इस दिन से विद्यार्थी नियमित रूप से अपनी कक्षाओं में लौटेंगे और शिक्षक भी स्कूलों में उपस्थित रहेंगे।
हालांकि, Census Duty में लगे शिक्षकों के कारण शुरुआती दिनों में शिक्षण व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना शिक्षा विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती होगी।

