ड्यूटी पर रील न बनाएं, मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों को दी अनुशासित और सजग रहने की सलाह
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लोकभवन में यूपी पुलिस के नवनियुक्त 930 कंप्यूटर ऑपरेटरों (ग्रेड-ए) को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इस मौके पर उन्होंने पुलिस कर्मियों को आत्म अनुशासन के साथ ही निष्पक्षता से लोकहित में कार्य करने के लिए प्रेरित किया। कहा कि नवनियुक्त कंप्यूटर ऑपरेटरों की यूपी पुलिस के डिजिटल वारियर के रूप में बड़ी भूमिका होगी। मुख्यमंत्री ने आगाह किया कि ड्यूटी के दौरान रील बनाना अनुशासनहीनता है। ऐसा कोई कार्य नहीं करना चाहिए, जिससे हंसी का पात्र बनना पड़े।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरी उम्मीद है कि नवचयनित अभ्यर्थी यूपी पुलिस की आधुनिक तकनीक व सुरक्षा मानकों की जानकारी के साथ टीम भावना, पारदर्शिता, निष्पक्षता के साथ अच्छा काम करेंगे। बीते नौ वर्ष में सुशासन के लिए यूपी पुलिस का महत्वपूर्ण योगदान है। 2017 के पहले की परिस्थितियों की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि नवनियुक्त अभ्यर्थियों की आयु तब 17 -18 वर्ष रही होगी, इसलिए अपने अभिभावकों से पूछिए तब यूपी की क्या स्थिति थी? तब मुरादाबाद में तत्कालीन डीआईजी को उपद्रवियों ने मरणासन्न कर दिया था। उन सभी आरोपितों को पिछले दिनों गंभीर सजा दिलाई गई है। उनकी पीढ़ियां अपराध करना भूल जाएंगी। कहा कि राज्य में आईपीएस और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ही सुरक्षित नहीं थे तो सामान्य नागरिक, महिला, बेटी-बहन, व्यापारी की सुरक्षा सिर्फ कल्पना थी। पहले उत्सव से पहले उपद्रव होता था। हर दूसरे-तीसरे दिन दंगा होता था। बीते नौ वर्षों में यूपी में कर्फ्यू नहीं लगा। नवचयनित कंप्यूटर ऑपरेटरों से कहा कि भर्ती की प्रक्रिया से लेकर नियुक्ति तक, आपको कहीं सिफारिश की नौबत नहीं आई। सिर्फ मेरिट पर आप आगे बढ़ेंगे।
‘सिर्फ आवेदन शुल्क के 400 रुपये खर्च हुए’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों नियुक्ति पत्र प्राप्त करते ही चयनित कंप्यूटर ऑपरेटरों के चेहरे खुशी से खिल उठे। इस अवसर पर अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष, बताते हुए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। कहा कि पूरी प्रक्रिया में सिर्फ चार सौ रुपये खर्च हुए।
अभ्यर्थियों ने सराहा

