नए सिरे से अब तय होगा छात्रों को पढ़ाने का तरीका
यूपी बोर्ड के 29 हजार से अधिक स्कूलों में कक्षा नौ से 12 तक में अध्ययनरत एक करोड़ से अधिक छात्र-छात्राओं को सिखाने-पढ़ाने का तौर-तरीका नए सिरे से तैयार होगा। राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (एनसीएफ) 2023 को उत्तर प्रदेश में लागू करने के लिए राज्य स्तरीय पाठ्यचर्या (एससीएफ) विकसित करने की जिम्मेदारी यूपी बोर्ड को दी गई है। माध्यमिक शिक्षा में एनसीएफ को लागू करने के लिए समग्र शिक्षा अभियान लखनऊ के प्रस्ताव पर केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने 2026-27 सत्र की वार्षिक कार्ययोजना के तहत बजट को मंजूरी दे दी है।
यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह के अनुसार राज्य स्तरीय पाठ्यचर्या का उद्देश्य यह तय करना है कि विद्यालयों में क्या पढ़ाया जाए, कैसे पढ़ाया जाए और विद्यार्थियों का मूल्यांकन किस प्रकार किया जाए। बोर्ड के अपर सचिव पाठ्यपुस्तक डॉ. स्कंद शुक्ल ने बताया कि राज्य स्तरीय पाठ्यचर्या विकसित करने के लिए जुलाई से ऑफलाइन और ऑनलाइन कार्यशाला शुरू होगी। इसमें प्रतिभाग करने के लिए प्रदेशभर से विशेषज्ञों को बुलाया जाएगा। इसमें भारतीय ज्ञान परंपरा को भी शामिल किया जाएगा।
पाठ्यचर्या का उद्देश्य
● शिक्षा को अधिक रचनात्मक, व्यावहारिक और छात्र केंद्रित बनाना।
● विद्यार्थियों में आलोचनात्मक चिंतन, समस्या-समाधान और रचनात्मकता का विकास करना।
● शिक्षा को स्थानीय भाषा, संस्कृति और जीवन से जोड़ना।
● केवल रटने की बजाय समझ-आधारित सीखने को बढ़ावा देना।
● समावेशी और समान अवसर वाली शिक्षा सुनिश्चित करना।
प्रमुख घटक
● शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया
● मूल्यांकन प्रणाली
● शिक्षक की भूमिका
● विद्यालयी वातावरण और संसाधन

