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Wednesday, June 24, 2026

घोटाले की रिकवरी हुई नहीं और शिक्षक को बहाल कर दिया

 अमृतपुर। कोरोना काल के दौरान हुए मिड-डे मील घोटाले में तीन लाख रुपये से अधिक की रिकवरी अब तक नहीं हो सकी है। इसके बावजूद घोटाले में नामजद एक निलंबित शिक्षक को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बहाल कर उसी विद्यालय में तैनाती कर दी है। वहीं, दूसरे शिक्षक का निलंबन अब भी जारी है।


विकास खंड राजेपुर की ग्राम पंचायत कुम्हरौर स्थित कंपोजिट विद्यालय में वर्ष 2020-21 में एमडीएम मद में वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा हुआ था। प्रभारी प्रधानाध्यापक मृदुल सक्सेना 2.66 लाख रुपये तथा सहायक अध्यापक यतेंद्र सिंह दो चेकों के माध्यम से अपने नाम 40 हजार रुपये निकालने के दोषी पाए गए थे। प्रधान हिमानी सिंह ने 20 फरवरी 2025 को मुख्यमंत्री से मामले की शिकायत की थी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विश्वनाथ प्रताप सिंह ने खंड शिक्षा अधिकारी नगर व खंड शिक्षा अधिकारी बढ़पुर को जांच के आदेश दिए। जांच टीम ने 22 अगस्त 2025 को अपनी रिपोर्ट जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को दी थी।

जांच के आधार पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने 26 फरवरी को दोनों शिक्षकों को निलंबित कर दिया था। घोटाले में दोषी शिक्षकों से अब तक लगभग 3.06 लाख रुपये की रिकवरी नहीं हो सकी है। इसके बाद भी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने 19 जून को सहायक अध्यापक यतेंद्र सिंह को बहाल कर पुनः उसी विद्यालय में तैनात कर दिया। वहीं, प्रभारी प्रधानाध्यापक मृदुल सक्सेना अब भी निलंबित चल रहे हैं। इसी विद्यालय में तैनात शिक्षक आशीष कुमार के कार्यकाल में मौके पर कम व एमडीएम रजिस्टर में ज्यादा बच्चे दर्ज किए जाने पर पांच जून को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने उन्हें निलंबित किया था। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विश्वनाथ प्रताप सिंह ने बताया कि निलंबित शिक्षक पर दोष सिद्ध नहीं हुआ है। इसलिए बहाल किया गया है। एमडीएम की धनराशि की रिकवरी जल्द कराई जाएगी।


पांच किस्तों में जमा करनी होगी एमडीएम की धनराशि

फर्रुखाबाद। ब्लॉक नवाबगंज स्थित पंडित जवाहर लाल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्रभारी प्रधानाचार्य शिव कुमार पुष्कर ने कोरोना काल में एमडीएम खाते से 1.05 लाख रुपये का गबन किया था। इसकी शिकायत 2025 में की गई थी। टीम बनाकर जांच कराई गई, जिसमें आरोप सही पाया गया। पूर्व में तैनात जिला विद्यालय निरीक्षक ने गबन की धनराशि जमा करने के आदेश प्रभारी प्रधानाचार्य को दिए थे। प्रभारी प्रधानाचार्य ने अब तक गबन की धनराशि एमडीएम खाते में जमा नहीं कराई। जिला विद्यालय निरीक्षक संजीव कुमार ने गबन की पूरी धनराशि पांच किस्तों में एमडीएम खाते में जमा कराने के आदेश जारी किए हैं।

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