Direction for Reopening Schools 2026-27: ग्रीष्मावकाश के उपरान्त विद्यालय संचालन, मध्यान्ह भोजन योजना, स्वच्छता, गुणवत्ता एवं शैक्षणिक गतिविधियों के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश।
ग्रीष्मावकाश के बाद स्कूल खुलने से पहले बीएसए प्रतापगढ़ ने जारी किए सख्त निर्देश, स्वच्छता, एमडीएम और पढ़ाई पर रहेगा विशेष फोकस
प्रतापगढ़, 15 जून 2026। जनपद प्रतापगढ़ के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) ने ग्रीष्मावकाश समाप्त होने के बाद 16 जून 2026 से विद्यालयों के पुनः संचालन को लेकर सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जारी आदेश में विद्यालय परिसर की साफ-सफाई, मध्याह्न भोजन (एमडीएम) की गुणवत्ता, पेयजल व्यवस्था, शिक्षकों की उपस्थिति तथा शैक्षणिक गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर विशेष जोर दिया गया है।
बीएसए द्वारा जारी पत्र के अनुसार जनपद के सभी परिषदीय एवं सहायता प्राप्त प्राथमिक तथा उच्च प्राथमिक विद्यालय 16 जून से पुनः संचालित होंगे। विद्यालय खुलने से पहले सभी कक्षाओं, कार्यालय कक्ष, रसोईघर, भोजन कक्ष, बरामदे, शौचालय, मूत्रालय तथा पेयजल स्थलों की समुचित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही विद्यालय परिसर में उगी झाड़ियों, खरपतवार और जलभराव की स्थिति को तत्काल समाप्त करने को कहा गया है।
मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी
आदेश में कहा गया है कि मध्याह्न भोजन निर्धारित मेन्यू के अनुसार तैयार और वितरित किया जाए। भोजन तैयार करने से पहले खाद्यान्न, दाल, तेल, मसाले सहित सभी सामग्री की गुणवत्ता की जांच अनिवार्य होगी। रसोइयों को स्वच्छ वेशभूषा, एप्रन और सिर ढककर भोजन तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। भोजन वितरण से पहले प्रधानाध्यापक अथवा शिक्षक द्वारा भोजन का परीक्षण भी अनिवार्य रूप से किया जाएगा।
स्वच्छ पेयजल और स्वास्थ्य सुरक्षा पर जोर
विद्यालयों में शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने, हैंडपंप, आरओ और वाटर फिल्टर की कार्यशीलता की जांच कराने तथा बच्चों को व्यक्तिगत स्वच्छता और हाथ धोने की आदतों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं। मौसमजनित एवं मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के लिए भी आवश्यक सावधानियां बरतने को कहा गया है।
पहले दिन से नियमित पढ़ाई होगी शुरू
बीएसए ने निर्देशित किया है कि विद्यालय खुलते ही नियमित एवं समयबद्ध पठन-पाठन सुनिश्चित किया जाए। समय-सारिणी के अनुसार सभी कक्षाओं का संचालन हो तथा नामांकन, उपस्थिति और ड्रॉपआउट विद्यार्थियों की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों के अनुरूप आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा विद्यार्थियों के अधिगम स्तर का आकलन कर आवश्यकतानुसार उपचारात्मक शिक्षण (रिमेडियल टीचिंग) कराने, टीएलएम (Teaching Learning Material) का प्रभावी उपयोग करने तथा प्रार्थना सभा, पुस्तक पठन, खेलकूद एवं सह-शैक्षिक गतिविधियों का नियमित आयोजन करने को कहा गया है।
शिक्षकों की उपस्थिति और अभिलेखों की होगी जांच
सभी शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को समय से विद्यालय में उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। उपस्थिति पंजिका, एमडीएम रजिस्टर, स्टॉक रजिस्टर और अन्य अभिलेखों को अद्यतन रखने तथा विद्यालय में प्राप्त धनराशि और व्यय का लेखा-जोखा नियमानुसार संधारित करने पर भी जोर दिया गया है।
बीईओ करेंगे नियमित निरीक्षण
खंड शिक्षा अधिकारियों को अपने विकास खंड के विद्यालयों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। निरीक्षण के दौरान एमडीएम की गुणवत्ता, स्वच्छता, छात्र उपस्थिति और शैक्षणिक गतिविधियों की विशेष समीक्षा की जाएगी। प्रथम सप्ताह में अधिकाधिक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का सत्यापन करने को कहा गया है।
बीएसए ने स्पष्ट किया है कि विद्यालय परिसर को स्वच्छ, सुरक्षित और शिक्षण-अनुकूल वातावरण के रूप में विकसित किया जाए। किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता या शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
विद्यालय संचालन को प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने के उद्देश्य से जारी इन निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित कराने के लिए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों और प्रधानाध्यापकों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।


