TGT-PGT भर्ती 2026: पुरानी नियमावली से भर्ती की मांग पर सोमवार को होगी वार्ता, फिलहाल धरना स्थगित
प्रयागराज। अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों में टीजीटी-पीजीटी के 23,775 से अधिक पदों पर पुरानी नियमावली के अनुसार भर्ती विज्ञापन जारी करने की मांग को लेकर चल रहा अभ्यर्थियों का आंदोलन फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ सोमवार को होने वाली महत्वपूर्ण वार्ता के बाद आंदोलन की आगे की रणनीति तय की जाएगी।
युवा मंच के नेतृत्व में चल रहे धरने को रविवार तक स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। यह फैसला जिला प्रशासन, अपर शिक्षा निदेशक (माध्यमिक), सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद, सिटी मजिस्ट्रेट तथा अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई बातचीत में समाधान का आश्वासन मिलने के बाद लिया गया।
युवा मंच के प्रदेश अध्यक्ष अनिल सिंह ने बताया कि यदि सोमवार की बैठक में पुरानी नियमावली के तहत भर्ती विज्ञापन जारी करने पर सहमति बन जाती है, तो आंदोलन को लेकर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। हालांकि यदि अभ्यर्थियों की मांगों की अनदेखी की गई तो मंगलवार से दोबारा धरना और आंदोलन शुरू किया जाएगा।
अभ्यर्थियों का कहना है कि वे वर्षों से पुरानी नियमावली के अनुसार तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में भर्ती प्रक्रिया के बीच नियमों में बदलाव करना उनके साथ अन्याय होगा। उनका यह भी कहना है कि वर्ष 2026 में प्रस्तावित टीजीटी-पीजीटी की बड़ी भर्ती का विज्ञापन पुरानी नियमावली के आधार पर जारी किया जाए, ताकि लंबे समय से तैयारी कर रहे सभी अभ्यर्थियों को समान अवसर मिल सके।
प्रदर्शनकारी यह भी मांग कर रहे हैं कि बी.एड. अभ्यर्थियों को आवेदन का अवसर दिया जाए तथा प्राविधिक कला, अंग्रेजी, हिंदी, संगीत और शारीरिक शिक्षा जैसे विषयों की पात्रता भी पुरानी नियमावली के अनुसार ही स्वीकार की जाए। उनका कहना है कि अन्यथा बड़ी संख्या में अभ्यर्थी आवेदन से वंचित हो जाएंगे।
अब सभी की निगाहें सोमवार को होने वाली वार्ता पर टिकी हैं, जहां जिला प्रशासन, शिक्षा अधिकारियों और अभ्यर्थियों के प्रतिनिधियों के बीच होने वाली बैठक के बाद भर्ती प्रक्रिया और आंदोलन की दिशा स्पष्ट होने की उम्मीद है।
मुख्य बातें
23,775+ पदों पर टीजीटी-पीजीटी भर्ती की मांग।
पुरानी नियमावली से विज्ञापन जारी करने की मांग।
सोमवार को प्रशासन और अभ्यर्थियों के बीच अहम बैठक।
बैठक तक धरना स्थगित, सहमति न बनने पर मंगलवार से फिर आंदोलन।
बी.एड. अभ्यर्थियों एवं विभिन्न विषयों की पुरानी पात्रता बहाल करने की भी मांग।

