उत्तर प्रदेश में शिक्षक बनने का सपना देख रहे लाखों युवाओं के लिए बड़ी खबर है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) द्वारा राज्य के 60 जिलों में आगामी 2 से 4 जुलाई 2026 तक उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UP-TET) का आयोजन किया जा रहा है। इस बार आयोग ने किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या पेपर लीक को रोकने के लिए एक बेहद कड़ा और अभेद्य ‘मल्टी-लेयर सुरक्षा चक्र’ तैयार किया है। नवंबर 2021 में हुए पेपर लीक हादसे से कड़ा सबक लेते हुए इस बार सुरक्षा को लेकर कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है। इस महा-परीक्षा में राज्य भर से कुल 15.99 लाख अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया है, जिनके लिए 955 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। अकेले प्रयागराज में ही 53 केंद्रों पर 96,626 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। यूपीटीईटी परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड कल 30 जून 2026 को जारी किए जाएंगे।
लीक प्रूफ सिस्टम: तैयार हुए कई सेट्स, गुप्त रहेगा कोड
परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए आयोग ने प्राथमिक और उच्च प्राथमिक दोनों स्तरों के लिए प्रश्नपत्रों के कई अलग-अलग सेट तैयार किए हैं। सबसे दिलचस्प बात यह है कि परीक्षा में वास्तव में किस सेट का उपयोग किया जाएगा, इसका फैसला परीक्षा शुरू होने से मात्र 5 घंटे पहले ही किया जाएगा। अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (परीक्षा), जिला कोषाधिकारियों और कार्यदायी संस्था के प्रबंधकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे केवल उसी बक्से को खोलेंगे जिसमें चुनी गई कलर-कोडेड प्रश्नपुस्तिका का सेट होगा। इन बक्सों में वन-टाइम डिजिटल लॉक लगे होंगे, जिन्हें परीक्षा से ठीक 45 मिनट पहले कटर की मदद से खोला जाएगा।
बायोमेट्रिक हाजिरी और रैंडमाइजेशन प्रक्रिया
परीक्षा केंद्रों पर नकल और मुन्नाभाइयों को रोकने के लिए इस बार सुरक्षा तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। हर परीक्षा केंद्र के मुख्य द्वार पर अभ्यर्थियों का बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन किया जाएगा, जिसमें आईरिस स्कैनिंग और लाइव फोटोग्राफी शामिल होगी। कौन सा शिक्षक किस कमरे में ड्यूटी करेगा, यह परीक्षा शुरू होने से मात्र 30 मिनट पहले स्टेटिक मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में 'रैंडमाइजेशन' पद्धति से तय किया जाएगा।
UPTET 2026 क्या होगा परीक्षा का पैटर्न
परीक्षा के पैटर्न की बात करें तो यूपीटीईटी का पेपर ऑफलाइन यानी ओएमआर (OMR) शीट पर लिया जाएगा। इस परीक्षा में कोई निगेटिव मार्किंग नहीं होती है, जो कि उम्मीदवारों के लिए एक बहुत बड़ा प्लस पॉइंट है। पेपर में बाल विकास, भाषा (हिंदी और अंग्रेजी/उर्दू/संस्कृत), गणित और पर्यावरण अध्ययन से जुड़े 150 सवाल पूछे जाएंगे। हर सवाल एक नंबर का होगा और इसे हल करने के लिए आपको पूरे ढाई घंटे (150 मिनट) का समय मिलेगा।
OMR शीट को लेकर सख्त गाइडलाइंस
आयोग ने परीक्षार्थियों को विशेष चेतावनी दी है कि वे अपनी ओएमआर (OMR) उत्तर पुस्तिका पर प्रश्नपुस्तिका संख्या और रोल नंबर बेहद ध्यान से भरें। यदि कोई छात्र इसमें गलत जानकारी भरता है या कॉलम खाली छोड़ता है, तो उसकी ओएमआर शीट का मूल्यांकन नहीं किया जाएगा और उसकी शिकायत भी स्वीकार नहीं होगी। इसके अलावा, छात्रों को ओएमआर शीट को मोड़ने, उस पर कोई अन्य निशान लगाने या प्रश्नपुस्तिका से कोई भी पन्ना फाड़ने की सख्त मनाही है। ऐसा करने पर अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
परीक्षा 2 और 3 जुलाई को दोनों पालियों (सुबह 09:30 से 12:00 और दोपहर 02:30 से 05:00) में आयोजित की जाएगी, जबकि 4 जुलाई को अंतिम चरण में केवल सुबह की पाली में प्राथमिक स्तर के छात्रों की परीक्षा होगी।
