जांच के लिए टीम बीआरसी पहुंची, 15 में से सिर्फ एक शिक्षक पहुचे
जांच के लिए टीम बीआरसी पहुंची, 15 में से सिर्फ एक शिक्षक पहुचें जांच मे 3 शिक्षकों का अता-पता नहीं निगरानी अन्वेषण की टीम के सामने प्रमाण-पत्र सत्यापन के लिए बुलाया गया था शिक्षकों को चंडी, एक संवाददाता। पटना हाईकोर्ट के आदेश पर नियोजित शिक्षकों के शैक्षणिक एवं प्रशैक्षणिक प्रमाण-पत्रों की जांच के लिए निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम बुधवार को बीआरसी कार्यालय पहुंची।
जांच का घटनाक्रम
यहा आयोजित जांच के दौरान कई अहम तथ्य सामने आए। बीआरसी कार्यालय से 15 शिक्षक-शिक्षिकाओं को अपने सभी मूल दस्तावेज के साथ आने को कहा गया था। लेकिन, निर्धारित तिथि पर केवल एक शिक्षक ही जांच में शामिल हुए। जांच में केवल मध्य विद्यालय दरियाबिगहा के शिक्षक प्रेम प्रकाश अपने मूल शैक्षणिक एवं प्रशैक्षणिक प्रमाण-पत्रों के साथ शामिल हुए। बाकी 14 शिक्षक-शिक्षिकाएं जांच में नही पहुंचीं। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सुमित कुमार ने कहा कि 15 शिक्षकों के प्रमाण-पत्रों की जांच की जा रही है। इसमे तीन शिक्षकों के संबंध मे गंभीर तथ्य सामने आए।
मुख्य तथ्य
मध्य विद्यालय बढ़ौना के प्रधानाध्यापक अनुज कुमार ने लिखित रूप से बताया है कि अंजुला सिन्हा नाम की कोई शिक्षिका उनके विद्यालय में कार्यरत नही है। मध्य विद्यालय जगतपुर के प्रधानाध्यापक ने जानकारी दी है कि अजय कुमार नाम का कोई शिक्षक विद्यालय मे पदस्थापित नहीं है। जबकि उत्क्रमित मध्य विद्यालय प्राणचक के प्रधानाध्यापक ने अपने प्रतिवेदन में बताया कि रंजना सिन्हा वर्ष 2013 मे ही सेवा से त्यागपत्र दे चुकी हैं। (चंडी से सरफराज हुसैन)
