फर्जी डिग्री वाले 3035 सरकारी शिक्षक बर्खास्त, वसूली जाएगी सैलरी, 1830 पर FIR दर्ज! इस्तीफों की बाढ़
बिहार के शिक्षा विभाग ने फर्जीवाड़ा करके सरकारी सिस्टम में घुसे बैठे शिक्षकों पर अब तक का सबसे बड़ा हंटर चलाया है. विभाग ने बड़ा फैसला लेते हुए 3,035 सरकारी शिक्षकों की सेवा समाप्त करने की तैयारी पूरी कर ली है. सरकारी खजाने को चूना लगाने वाले इन फर्जी शिक्षकों पर सरकार का गुस्सा यहीं नहीं थमा, अब इन सभी से अब तक उठाए गए वेतन और मानदेय की सूद (ब्याज) समेत वसूली भी की जाएगी.
बिहार के सरकारी स्कूलों में फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी पाकर सालों से पढ़ा रहे शिक्षकों पर गाज गिरनी शुरू हो गई है. शिक्षा विभाग ने एक बड़ा और कड़ा फैसला लेते हुए 3,035 सरकारी शिक्षकों की सेवा समाप्त करने की तैयारी पूरी कर ली है. विभाग का गुस्सा सिर्फ नौकरी छीनने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि सरकार अब इन फर्जी शिक्षकों से अब तक उठाए गए वेतन और मानदेय की सूद (ब्याज) समेत वसूली भी करेगी.
आइए जानते हैं कि निगरानी ब्यूरो की जांच में इस महा-फर्जीवाड़े का खुलासा कैसे हुआ और अब तक क्या-क्या एक्शन लिया जा चुका है.
1,830 एफआईआर (FIR) दर्ज
शिक्षा विभाग द्वारा की जा रही इस ताबड़तोड़ कार्रवाई की नींव निगरानी ब्यूरो की जांच रिपोर्ट है. निगरानी ब्यूरो ने पूरी बारीकी से जांच करने के बाद कार्रवाई के लिए योग्य शिक्षकों की एक लंबी सूची शिक्षा विभाग को सौंप दी है. इस पूरे मामले में अब तक 1,830 एफआईआर (FIR) दर्ज की जा चुकी हैं.

