📢*बिहार शिक्षक ट्रांसफर नीति: DEO और DPO का ऑनलाइन प्रशिक्षण शुरू, स्कूलवार न्यूनतम शिक्षक मानक हुए तय*✔️
बिहार में शिक्षकों के बड़े पैमाने पर होने वाले स्थानांतरण (Transfer) और पदस्थापन (Posting) को लेकर शिक्षा विभाग ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में विभाग द्वारा राज्य के सभी जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO) के लिए एक विशेष ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य नई स्थानांतरण नीति को पारदर्शी और त्रुटिहीन तरीके से लागू करना है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस उच्च स्तरीय बैठक और प्रशिक्षण में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा 'न्यूनतम शिक्षक मानक' (छात्र-शिक्षक अनुपात) के आधार पर रिक्तियों की गणना और युक्तिकरण (Rationalization) के गुर सिखाए जा रहे हैं।
प्रशिक्षण के मुख्य बिंदु और नए मानक:
प्रशिक्षण के दौरान स्क्रीन पर साझा किए गए आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार, शिक्षा विभाग ने प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक विद्यालयों के लिए "न्यूनतम शिक्षक मानक" तय कर दिए हैं। विषयवार शिक्षक उपलब्धता और पदस्थापन का निर्णय इन्हीं मानकों के आधार पर होगा:
1. प्राथमिक विद्यालय (कक्षा 1 से 5):
नामांकन के आधार पर शिक्षक: कक्षा 1-5 के लिए छात्रों की संख्या के अनुसार शिक्षकों की संख्या तय की गई है (जैसे: 1-60 छात्रों पर 2 शिक्षक, 61-90 पर 3 शिक्षक आदि)।
प्रधान शिक्षक: प्रधान शिक्षक (Head Teacher) का पद कुल शिक्षकों की संख्या से अलग रखा जाएगा।
2. माध्यमिक विद्यालय (कक्षा 9 और 10):
विषयवार अनिवार्य शिक्षक: न्यूनतम 120 छात्रों के नामांकन पर कम से कम 6 शिक्षक अनिवार्य होंगे। इसमें सामाजिक विज्ञान, गणित, विज्ञान, हिन्दी, अंग्रेजी और संस्कृत/उर्दू का 1-1 शिक्षक होना आवश्यक है。
अधिकतम सीमा: जैसे-जैसे छात्रों का नामांकन बढ़ेगा (181 से 420+ तक), वैसे-वैसे सामाजिक विज्ञान, गणित और विज्ञान के शिक्षकों की संख्या बढ़ाकर अधिकतम 11 शिक्षक तक की जाएगी, जिसमें संगीत/नृत्य और शारीरिक शिक्षा के शिक्षक भी शामिल होंगे।
3. उच्च माध्यमिक विद्यालय (कक्षा 11 और 12):
संकायवार (Stream-wise) व्यवस्था: विज्ञान, कला/मानविकी और वाणिज्य संकाय के लिए छात्रों की संख्या (40 से 260 तक के स्लैब) के आधार पर न्यूनतम 15 से लेकर 27 शिक्षकों तक का मानक तय किया गया है।
इसमें प्रत्येक मुख्य विषय (जैसे इतिहास, भूगोल, भौतिकी, रसायन, गणित, कंप्यूटर, एकाउंटेंसी आदि) के लिए पद निर्धारित किए गए हैं।
विभाग का उद्देश्य
शिक्षा विभाग का स्पष्ट मानना है कि इस बार ट्रांसफर प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन और डेटा-बेस्ड होगी। किसी भी स्कूल में शिक्षकों की कमी न हो और न ही आवश्यकता से अधिक शिक्षक एक ही जगह जमे रहें, इसी संतुलन (Rationalization) को बनाने के लिए DEO और DPO को बारीकी से प्रशिक्षित किया जा रहा है।
इस प्रशिक्षण के पूरा होते ही जिलों से फाइनल रिक्ति (Vacancy) का डेटा पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा, जिसके बाद शिक्षक अपने पसंदीदा स्कूलों के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
