अंतरजनपदीय तबादले में शिक्षकों को बड़ी राहत, आवेदन की समय सीमा बढ़ी
लखनऊ, बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों के अंतरजनपदीय तबादले के मामले में हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने महत्वपूर्ण राहत दी है। कोर्ट ने पति‑पत्नी दोनों के शिक्षक होने की स्थिति में स्थानांतरण के लिए आवेदन देने की अंतिम तिथि दो सप्ताह के लिए और बढ़ाने का निर्देश दिया है। अदालत को राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि वह समय सीमा बढ़ाने को तैयार है।
यह आदेश न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की एकल पीठ ने ज्योति कुशवाहा व अन्य की ओर से दाखिल याचिका पर पारित किया। याचिकाओं में कहा गया था कि 4 जून 2026 के शासनादेश में यह प्रावधान किया गया था कि यदि पति‑पत्नी दोनों बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में शिक्षक हों और उनमें से कोई एक स्थानांतरण का आवेदन करता है, तो जिस जिले में शिक्षक‑छात्र अनुपात कम होगा, उस जनपद में दोनों में से किसी एक का तबादला किया जा सकेगा।
बाद में 22 जून 2026 को जारी स्पष्टीकरण में कहा गया कि पति‑पत्नी दोनों शिक्षक हों तो सिर्फ उसी का स्थानांतरण विचारार्थ होगा, जिसने आवेदन पत्र प्रस्तुत किया है; आवेदन न करने वाले जीवनसाथी का तबादला नहीं किया जाएगा। यह स्पष्टीकरण तब जारी हुआ, जब आवेदन की समय सीमा समाप्त होने वाली थी।
याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि इस स्पष्टीकरण के कारण कई दंपती समय से आवेदन नहीं कर पाए या असमंजस में रहे। अदालत ने इन तर्कों को देखते हुए कहा कि न्यायहित में शिक्षकों को मौका दिया जाना चाहिए, ताकि वे संशोधित नियमों के अनुरूप आवेदन कर सकें।
कोर्ट के निर्देश के बाद अब पति‑पत्नी दोनों के शिक्षक होने वाले मामलों में अंतरजनपदीय स्थानांतरण के लिए फिर से दो सप्ताह तक ऑनलाइन आवेदन किए जा सकेंगे। इस फैसले से प्रदेश भर के बड़ी संख्या में शिक्षक दंपतियों को राहत मिलने की उम्मीद है।

