अधिकारियों के संकल्प ने बदली 67 स्कूलों की तस्वीर, हरदोई मॉडल बना उदाहरण
हरदोई। सरकारी योजनाएँ तभी रंग लाती हैं जब उनमें व्यक्तिगत जिम्मेदारी और जनसहयोग की भावना जुड़ जाए। हरदोई जनपद में जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने इसी सोच के साथ अभियान चलाकर 67 जर्जर परिषद विद्यालयों को मॉडल स्कूल में बदल दिया। इन स्कूलों की बदली हुई सूरत अब पूरे प्रदेश के लिए मिसाल बन रही है।
जिलाधिकारी अनुराग पटेल ने अधिकारियों, प्रधानों, ग्राम पंचायतों, शिक्षकों और स्थानीय लोगों को साथ लेकर विद्यालयों के कायाकल्प का संकल्प लिया। आधुनिकीकरण और सौंदर्यीकरण के इस अभियान के लिए जनपद के अफसरों ने स्वयं आगे आकर अपने वेतन से योगदान दिया। करीब 10 लाख रुपये से अधिक की राशि जुटाकर भवन मरम्मत, रंगाई-पुताई, फर्नीचर, शौचालय, पेयजल, बिजली, खेल सामग्री और साफ–सफाई जैसी मूलभूत सुविधाएँ सुदृढ़ की गईं।
विद्यालयों में बच्चों के लिए सुन्दर एवं प्रेरक पेंटिंग बनवाई गईं, आकर्षक प्रवेश द्वार और प्रांगण तैयार किए गए। कक्षाओं में टाइल्स, स्मार्ट बोर्ड, पुस्तकालय और बैठने की बेहतर व्यवस्था की गई। स्वच्छ पेयजल और अलग–अलग शौचालयों की सुविधा ने भी विद्यार्थियों और अभिभावकों का भरोसा बढ़ाया। परिणाम यह हुआ कि जिन स्कूलों में कभी बच्चों की संख्या कम होती जा रही थी, वहाँ अब नामांकन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
अभियान के तहत शिक्षकों को भी विद्यालय को केवल पढ़ाई की जगह नहीं, बल्कि समाज के भविष्य की नींव के रूप में विकसित करने की प्रेरणा दी गई। जिलाधिकारी ने कहा कि यदि हम अपने बच्चों को सुरक्षित, प्रेरक और गुणवत्तापूर्ण वातावरण देना चाहते हैं, तो विद्यालयों के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी निभानी होगी। प्रशासन की टीम, खंड शिक्षा अधिकारियों, ग्राम पंचायतों और स्थानीय समुदाय के संयुक्त प्रयास से हरदोई के इन 67 परिषद विद्यालयों की तकदीर बदल गई है।
अब लक्ष्य है कि जनपद के शेष विद्यालयों को भी इसी मॉडल पर विकसित कर बच्चों को समृद्ध शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराया जाए।
