इस आदेश में हाईकोर्ट ने सरप्लस शिक्षकों के समायोजन (Redeployment) को पूरी तरह नहीं रोका है, बल्कि प्रक्रिया को पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के लिए *महत्वपूर्ण निर्देश* दिए हैं।
*Exclusive* 🚩
*मुख्य निर्णय इस प्रकार हैं:*
* *31,685 सरप्लस शिक्षकों की पहचान*
राज्य सरकार ने बताया कि प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के कुल 31,685 शिक्षकों को सरप्लस चिन्हित किया गया है और उन्हें उन विद्यालयों में भेजना है जहाँ शिक्षक नहीं हैं या केवल एक शिक्षक है।
* *एक अंतिम अवसर दिया गया*
जिन शिक्षकों को सरप्लस घोषित किया गया है, उन्हें एक अंतिम अवसर दिया गया है कि वे केवल डेटा संबंधी त्रुटियों पर आपत्ति दर्ज कर सकें।
*वरिष्ठ शिक्षक (Senior-most) की सुरक्षा*
यदि किसी विद्यालय में वरिष्ठ शिक्षक को सरप्लस घोषित किया गया है, जबकि उससे जूनियर शिक्षक पिछले 5 वर्षों के भीतर वहाँ नियुक्त किए गए हैं, तो इस पर अलग से आपत्ति की जा सकती है।
यह छूट पारस्परिक (Mutual) या चिकित्सकीय (Medical) स्थानांतरण तथा दिव्यांग शिक्षकों पर लागू नहीं होगी।
* *"First Come, First Go" सिद्धांत लागू रहेगा*
जहाँ पाँच वर्ष से अधिक समय से कार्यरत शिक्षकों का मामला होगा, वहाँ पहले आए, पहले जाएँ (First Come First Go) का सिद्धांत लागू रहेगा, जैसा 22.05.2026 के आदेश में कहा गया था।
* *आपत्ति दाखिल करने की अंतिम तिथि*
संबंधित शिक्षक 27 जुलाई 2026 तक अपने जिले के बीएसए कार्यालय में ऑफलाइन आपत्ति दाखिल करेंगे।
प्राप्ति रसीद लेना अनिवार्य होगा।
उसी आपत्ति की प्रति एक सप्ताह के भीतर स्पीड पोस्ट से सचिव, बेसिक शिक्षा परिषद प्रयागराज को भेजनी होगी। ऐसा न करने पर माना जाएगा कि कोई आपत्ति दाखिल ही नहीं हुई।
* *आपत्तियों का निस्तारण*
सभी आपत्तियाँ बीएसए द्वारा 1 अगस्त 2026 तक सचिव, बेसिक शिक्षा परिषद को भेजी जाएँगी।
सचिव आवश्यक समितियाँ बनाकर उनका निस्तारण करेंगे।
* *सुनवाई का अधिकार*
शिक्षक चाहें तो व्यक्तिगत रूप से या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपनी बात रख सकते हैं।
* *रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड होगी*
आपत्तियों के निस्तारण के बाद विद्यालयवार, ब्लॉकवार और जनपदवार रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड की जाएगी। कोर्ट ने अपेक्षा की कि यह कार्य 10 अगस्त 2026 से शुरू हो जाएगा।
* *कुछ मामलों में अंतिम निर्णय नहीं होगा*
यदि विवाद पिछले पाँच वर्षों में हुई नियुक्ति/तैनाती के कारण उत्पन्न सरप्लस से संबंधित है, तो उस पर सचिव अंतिम निर्णय नहीं लेंगे। ऐसे मामले हाईकोर्ट के विचाराधीन रहेंगे।
* *अगली सुनवाई*
मामले की अगली सुनवाई 5 अगस्त 2026 को निर्धारित की गई है।
