गर्मी में स्कूलों का समय बदलने की मांग ठुकराई, डीएम बोले समय नहीं बदलेगा
प्राथमिक शिक्षक संघ ने उमस और बच्चों के बेहोश होने का हवाला दिया, कांवड़ यात्रा के सोमवार को अवकाश की भी उठाई मांग
शाहजहांपुर। उमस भरी भीषण गर्मी के बीच परिषदीय विद्यालयों का समय बदलने की मांग को लेकर उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने गुरुवार को जिलाधिकारी से मुलाकात की। संघ का आरोप है कि जिलाधिकारी ने विद्यालयों का समय बदलने से साफ इनकार कर दिया और कहा कि समय में कोई परिवर्तन नहीं होगा। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच इस मुद्दे पर काफी देर तक बहस भी हुई। संघ के जिलाध्यक्ष ऋषिकांत पाण्डेय के नेतृत्व में जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. रत्नाकर दीक्षित, जिला मंत्री डॉ. संदीप सिंह और जिला संगठन मंत्री शशांक शेखर बाजपेयी ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि भीषण गर्मी और उमस के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के कई विद्यालयों में बच्चे बेहोश हो रहे हैं। अधिकांश स्कूलों में बिजली और गर्मी से राहत के पर्याप्त संसाधन नहीं हैं, जिससे दोपहर दो बजे तक बच्चों को विद्यालय में रोकना कठिन हो रहा है। शिक्षक संघ ने वार्ता के दौरान दावा किया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP), शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) तथा शासनादेशों में गर्मी के दौरान विद्यालयों का संचालन सीमित अवधि तक करने का प्रावधान है। उनका कहना था कि प्राथमिक विद्यालयों का संचालन चार घंटे तथा उच्च प्राथमिक विद्यालयों का पांच घंटे तक होना चाहिए, जबकि वर्तमान में विद्यालय छह घंटे तक संचालित किए जा रहे हैं। संघ का आरोप है कि जिलाधिकारी ने समय परिवर्तन की मांग को अस्वीकार करते हुए स्पष्ट कहा कि विद्यालयों का समय नहीं बदलेगा।
इसके बाद शिक्षक नेताओं ने इस निर्णय पर आपत्ति जताते हुए कहा कि भीषण गर्मी में छोटे बच्चों को दोपहर तक विद्यालय में बैठाना उचित नहीं है। बैठक के दौरान शिक्षक नेताओं ने सावन माह में कांवड़ यात्रा के चलते प्रत्येक सोमवार को ट्रैफिक बाधित रहने और भारी भीड़ का हवाला देते हुए सोमवार को विद्यालयों में अवकाश घोषित करने की भी मांग की। इस पर जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) रजनीश मिश्रा को इस संबंध में अन्य जिलों के आदेशों का परीक्षण करने के निर्देश दिए। शिक्षक संघ का कहना है कि बरेली और बदायूं समेत कुछ जिलों में पहले से सोमवार को अवकाश की व्यवस्था लागू है। शिक्षक नेताओं के अनुसार, बैठक में मुख्य विकास अधिकारी उत्कर्ष द्विवेदी भी मौजूद रहे और उन्होंने भी विद्यालयों का समय बदलने का सुझाव रखा। संघ ने कहा कि जिलाधिकारी से राहत न मिलने के बाद अब इस मामले में मुख्यमंत्री, अपर मुख्य सचिव (बेसिक शिक्षा) तथा स्कूल शिक्षा महानिदेशक को पत्र भेजकर हस्तक्षेप की मांग की जाएगी।
जिलाधिकारी की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है। शिक्षक संघ द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है।
