टीईटी: ओएमआर की गलतियों से 60 हजार अभ्यर्थियों का परिणाम प्रभावित, संशोधन की मांग
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के ओएमआर शीट भरने में हुई गलतियों के कारण करीब 60 हजार अभ्यर्थियों का परीक्षा परिणाम प्रभावित होने का मामला सामने आया है। इनमें लगभग 20 हजार सेवारत शिक्षक और शिक्षामित्र भी शामिल बताए जा रहे हैं।
बताया गया है कि कई अभ्यर्थियों ने ओएमआर शीट में अनुक्रमांक, सेंटर कोड, विषय कोड और बुकलेट नंबर भरने में त्रुटियां कर दीं। इसके चलते कई अभ्यर्थियों की कॉपियां स्कैन नहीं हो सकीं और उनका परिणाम प्रभावित हुआ।
संशोधन का अवसर देने की मांग
शिक्षक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग से ओएमआर शीट में सुधार का अवसर देकर परिणाम घोषित करने की मांग की है। उनका कहना है कि मामूली तकनीकी गलती के कारण बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
शिक्षक संगठनों का तर्क है कि कई सेवारत शिक्षक और शिक्षामित्रों के लिए टीईटी में सफल होना महत्वपूर्ण है। ऐसे में यदि उन्हें सुधार का अवसर दिया जाता है तो बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को राहत मिल सकती है।
89.35 और 89.50 अंक वाले अभ्यर्थियों का भी मामला
रिपोर्ट के अनुसार, कुछ सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों ने 89.35 और 89.50 अंक प्राप्त किए हैं, जबकि सामान्य वर्ग में उत्तीर्ण अंक 90 बताए गए हैं। वहीं अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) में 81.35 और 81.50 अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों का भी उल्लेख किया गया है।
शिक्षक संगठनों का कहना है कि यदि ओएमआर संबंधी त्रुटियों के मामलों में उचित समाधान किया जाता है तो कुछ अभ्यर्थियों को मामूली अंकों की कमी के बावजूद राहत मिल सकती है।
आयोग की बैठक में निर्णय की उम्मीद
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष को पत्र भेजकर ओएमआर संबंधी त्रुटियों के मामलों पर विचार करने की मांग की गई है। आयोग की बैठक में इस मुद्दे पर निर्णय लिए जाने की उम्मीद जताई गई है।
हालांकि, अंतिम निर्णय आयोग द्वारा लिए जाने के बाद ही स्पष्ट होगा कि प्रभावित अभ्यर्थियों को ओएमआर सुधार या परिणाम में संशोधन का अवसर मिलेगा या नहीं।

