छुट्टी के दिन स्कूल में घुसकर वीडियो बनाया,मुकदमा दर्ज
लखनऊ। सरकारी स्कूलों की अव्यवस्थाओं का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामलों में कार्रवाई तेज हो गई है। मेरठ और देवरिया में छुट्टी के दिन स्कूल परिसर में प्रवेश कर विद्यालय की व्यवस्थाओं और कथित अव्यवस्थाओं का वीडियो बनाने के आरोप में पुलिस ने मुकदमे दर्ज किए हैं। वहीं बुलंदशहर में स्कूल के बच्चों का वीडियो बनाने का विरोध करने पर प्रधानाध्यापिका से अभद्रता और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में केस दर्ज कराया गया है।
मेरठ में स्कूल का वीडियो वायरल करने पर दो पर केस
मेरठ के सरूरपुर ब्लॉक के कालंद गांव स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में दो युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि कांग्रेस नेता जितेंद्र पांचाल के पुत्र संयम पांचाल ने अपने साथी अयान मिर्जा के साथ 15 अगस्त को विद्यालय पहुंचकर वीडियो बनाया और बाद में उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
करीब 1 मिनट 20 सेकंड के वीडियो में विद्यालय की पेयजल व्यवस्था, शौचालय और स्कूल के पीछे जमा गंदगी को दिखाया गया था। वीडियो में विद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल भी उठाए गए थे। बताया गया कि विद्यालय करीब 30 वर्ष पुराना है और यहां लगभग 104 विद्यार्थी पढ़ते हैं।
मामला संज्ञान में आने के बाद एबीएसए सरधना सुदर्शनलाल की ओर से थाने में तहरीर दी गई। पुलिस ने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर रविवार को उन्हें पकड़कर चालान कर दिया।
देवरिया में छुट्टी के दिन स्कूल में घुसने का आरोप
देवरिया के गौरीबाजार थाना क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय डमरभिसवा का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करने के मामले में भी मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि 16 अगस्त को अवकाश के दिन एक युवक बिना अनुमति विद्यालय परिसर में घुसा और निष्प्रयोज्य भवन के मलबे व अन्य अव्यवस्थाओं का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर किया।
खंड शिक्षा अधिकारी गौरीबाजार विनयशील मिश्र की तहरीर पर पुलिस ने रजत सिंह नाम के युवक के खिलाफ केस दर्ज किया है।
तहरीर में आरोप लगाया गया कि विद्यालय का ताला बंद था और युवक चहारदीवारी फांदकर परिसर में दाखिल हुआ। विद्यालय में नीलामी के बाद ध्वस्तीकरण कराए गए निष्प्रयोज्य भवन का कुछ मलबा पड़ा था, जिसे हटाने की प्रक्रिया चल रही थी। विभाग का कहना है कि अब मलबा पूरी तरह हटा दिया गया है।
बीईओ ने आरोप लगाया कि वीडियो के जरिए विभाग की छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया, जबकि विद्यालय कायाकल्प योजना के तहत संतृप्त है।
युवक ने मांगी माफी, फिर कहा—‘डरने वाला नहीं’
केस दर्ज होने के बाद संबंधित युवक ने सोशल मीडिया पर एक और वीडियो शेयर कर डीएम और बीएसए से माफी मांगी। हालांकि उसने यह भी कहा कि वह डरने वाला नहीं है और आगे अपने साथियों के साथ विद्यालयों में जाकर वीडियो बनाएगा। उसने स्कूलों की व्यवस्थाओं में सुधार करने की बात भी कही।
बुलंदशहर में प्रधानाध्यापिका ने भी दर्ज कराया केस
उधर, बुलंदशहर के गुलावठी क्षेत्र के मिट्ठेपुर गांव स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापिका नीरू शर्मा ने भी एक युवक और उसके साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
प्रधानाध्यापिका का आरोप है कि स्कूल के बच्चों का वीडियो बनाने का विरोध करने पर युवकों ने अभद्रता की और सरकारी कार्य में बाधा डाली। इसके अलावा वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने का भी आरोप लगाया गया है।
वीडियो बनाना या अनधिकृत प्रवेश—कहां है विवाद?
इन घटनाओं के बाद सरकारी विद्यालयों की व्यवस्थाओं को लेकर सोशल मीडिया पर वीडियो बनाने और स्कूल परिसर में बिना अनुमति प्रवेश करने के बीच अंतर को लेकर सवाल उठ रहे हैं। विभाग की ओर से जहां विद्यालयों की छवि खराब करने के आरोप लगाए जा रहे हैं, वहीं संबंधित युवकों की ओर से स्कूलों की वास्तविक स्थिति सामने लाने की बात कही जा रही है। मामलों में पुलिस जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

