नई दिल्ली,। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि अनुकंपा के आधार पर शादीशुदा बेटी भी नौकरी पाने की हकदार है। शीर्ष अदालत ने अनुकंपा के आधार पर शादीशुदा बेटी को नौकरी के लिए अयोग्य मानने की नीति को रद्द करते हुए यह फैसला दिया है।
न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति पी.बी. वराले की पीठ ने अपने फैसले में कहा कि अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने के लिए तलाकशुदा या पति द्वारा छोड़ी गई बेटियों को ही योग्य मानने XXऔर शादीशुदा बेटियों को अयोग्य मानने की सरकार की नीति पूरी तरह से गलत है।
व्यभिचारी पत्नी को भत्ता नहीं मिलेगा: कोर्ट
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि यदि पत्नी पर व्यभिचार साबित हो जाता है तो वह किसी भी तरह के गुजारा-भत्ता की हकदार नहीं होगी। सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ पति की ओर से दाखिल याचिका पर टिप्पणी की।
पीठ ने यह भी कहा कि पति व्यभिचार का आरोप लगाता है, तो पत्नी को अंतरिम गुजारा-भत्ता देने से पहले अदालत को इस मुद्दे पर विचार करना चाहिए।
