बैगलेस डे पर विद्यालयों में होंगी पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधियां
29 अगस्त को बैगलेस डे के तहत औषधीय पौधों से लेकर किचन गार्डन तक होंगे विभिन्न आयोजन
लखनऊ। विद्यालयों में बच्चों को पढ़ाई के साथ व्यावहारिक और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने के उद्देश्य से 29 अगस्त 2026, शनिवार को बैगलेस डे मनाया जाएगा। इसके तहत विद्यार्थियों के लिए विभिन्न रचनात्मक एवं उपयोगी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
बैगलेस डे की मुख्य थीम “संस्कार ही संस्कृति है! सांस्कृतिक पुनर्जागरण हेतु एक प्रयास” रखी गई है। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को प्रकृति, स्वच्छता, पोषण और आत्मनिर्भरता से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
🌱 प्रमुख गतिविधियां
1. औषधीय पौधों का उद्यान विकास
विद्यालय परिसर में औषधीय पौधों का रोपण एवं संरक्षण कराया जाएगा। बच्चों को पौधों के नाम, उपयोग और महत्व की जानकारी दी जाएगी।
2. कंपोस्ट एवं वर्मी कंपोस्ट निर्माण
विद्यार्थियों को गीले एवं सूखे कचरे को अलग-अलग एकत्र करने, उनसे कंपोस्ट और वर्मी कंपोस्ट तैयार करने तथा पर्यावरण संरक्षण में इसकी भूमिका समझाई जाएगी।
3. विद्यालय रसोई उद्यान
विद्यालय परिसर में सब्जियों एवं हरी पत्तेदार पौधों का रोपण किया जाएगा। विद्यार्थी पौधों की देखभाल करेंगे और उन्हें स्वस्थ आहार के महत्व के बारे में जानकारी दी जाएगी।
🌿 हरियाली, स्वच्छता और स्वस्थ जीवन का संदेश
बैगलेस डे के माध्यम से बच्चों को किताबों के बोझ से अलग हटकर गतिविधि आधारित सीखने का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी, स्वच्छता की आदत और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता विकसित करना है।
“हमारा संकल्प—हरियाली, स्वच्छता और स्वस्थ जीवन” के संदेश के साथ विद्यालयों को हरित, स्वच्छ और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

