फ्री कोचिंग योजनाओं को एक करने की तैयारी में केंद्र सरकार, बनेगा साझा प्लेटफॉर्म
नई दिल्ली। केंद्र सरकार मेडिकल, इंजीनियरिंग और यूपीएससी समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए संचालित फ्री कोचिंग योजनाओं को एकीकृत करने की तैयारी कर रही है। इसका उद्देश्य अलग-अलग सरकारी योजनाओं के लाभ को एक मंच पर लाकर अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंचाना है।
पीएम ने की थी मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की घोषणा
रिपोर्ट के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले से मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की घोषणा की थी। इसके बाद सरकार ने विभिन्न सरकारी कोचिंग योजनाओं को एक साझा रोडमैप के तहत जोड़ने की दिशा में काम शुरू किया है।
राज्यों के पास तय रोडमैप नहीं
राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की तैयारी के लिए राज्यों के पास फिलहाल कोई स्पष्ट और तय रोडमैप नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार परीक्षा के पैटर्न और जरूरतों में बदलाव के कारण विद्यार्थी अक्सर सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं उठा पाते और महंगी निजी कोचिंग का सहारा लेते हैं।
अनुमान के मुताबिक राज्य सरकारें कोचिंग पर सालाना 50 से 60 करोड़ रुपये खर्च करती हैं। वहीं, जेईई और नीट जैसी परीक्षाओं का पैटर्न काफी अलग होने के कारण सीमित वर्ग के विद्यार्थियों को ही इसका पूरा लाभ मिल पाता है।
कई एजेंसियां पहले से करा रही हैं तैयारी
सरकार की विभिन्न एजेंसियां पहले से ही अलग-अलग वर्गों के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करा रही हैं। इनमें नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा नीट, जेईई और सीयूईटी की तैयारी के लिए अभ्यास ऐप, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की योजनाएं तथा डॉ. आंबेडकर फाउंडेशन के तहत संचालित विभिन्न संस्थानों की कोचिंग शामिल है।
रिपोर्ट के अनुसार इन योजनाओं को एक साझा व्यवस्था से जोड़ने पर 21 लाख से अधिक अभ्यर्थियों को जेईई, नीट, सीयूईटी, एसएससी और बैंकिंग जैसी परीक्षाओं की मुफ्त तैयारी उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है।
ग्रामीण छात्रों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद
सरकार का मानना है कि साझा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बनने से ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को बेहतर तैयारी का अवसर मिलेगा। शिक्षा मंत्रालय इस संबंध में रोडमैप तैयार कर रहा है और सभी योजनाओं को एक मंच पर लाने की संभावनाओं पर काम जारी है।

