टीजीटी-पीजीटी परीक्षा में अब नेगेटिव मार्किंग
संस्कृत के पाठ्यक्रम में मामूली बदलाव
प्रयागराज। टीजीटी-पीजीटी के अधिकांश विषयों के पाठ्यक्रम में कोई खास परिवर्तन तो नहीं हुआ है। अभ्यर्थियों की मानें तो संस्कृत विषय में कुछ संशोधन किए गए हैं। प्रतियोगी छात्र प्रतिनिधिमंडल के शीतला प्रसाद ओझा का दावा है कि पीजीटी संस्कृत के पाठ्यक्रम में वैदिक साहित्य, ऋग्वेद, अग्नि सूक्त, विष्णु सूक्त, प्रजापति सूक्त, इंद्र सूक्त, यजुर्वेद संहिता में शिव संकल्प सूक्त, कठोपनिषद प्रथम अध्याय एक से तीन तक वैदिक साहित्य का इतिहास, अभिज्ञान शाकुंतलम जहां संपूर्ण था उसको चतुर्थांश को ही रखा गया है। वहीं उत्तर रामचरितम संपूर्ण था उसमें तृतीय अंक रख दिया गया है। टीजीटी संस्कृत के पाठ्यक्रम में मेघदूतम और नीति शतकम को हटाकर संपूर्ण हितोपदेश, रघुवंश महाकाव्य द्वितीय सर्ग तथा साहित्य दर्पण का प्रथम परिच्छेद जोड़ा गया है।
प्रयागराज, मुख्य संवाददाता। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रशिक्षित स्नातक (टीजीटी) और प्रवक्ता (पीजीटी) का पाठ्यक्रम सोमवार को वेबसाइट पर जारी कर दिया। दोनों में तीन-तीन अंकों के 90 प्रश्न विषय से संबंधित और 30 प्रश्न सामान्य अध्ययन के होंगे। इस प्रकार कुल 360 अंकों की परीक्षा होगी। प्रवक्ता में 40 अंकों का साक्षात्कार भी होगा। खास बात यह है कि दोनों ही भर्ती परीक्षाओं में नेगेटिव मार्किंग लागू कर दी गई है। इससे पहले दोनों भर्ती में केवल विषय से संबंधित चार-चार अंकों के 125-125 प्रश्न पूछे जाते थे।
चयन आयोग ने अभी विषय का पाठ्यक्रम जारी किया है। सामान्य अध्ययन का पाठ्यक्रम मंगलवार को आयोग की बैठक के बाद जारी किया जाएगा। विभिन्न विषयों की भर्ती के लिए समकक्षता को लेकर भी चयन आयोग ने माध्यमिक शिक्षा विभाग से स्पष्टीकरण मांगा है।

