दोहरा नजरिया: बच्चों को सोशल मीडिया से दूर रखने में Meta-Google के दिग्गजों की पहल, 14 साल तक बच्चों को मोबाइल न देने की सलाह
दोहरा नजरिया: बच्चों को सोशल मीडिया से दूर रखने में Meta-Google के दिग्गजों की पहल, 14 साल तक बच्चों को मोबाइल न देने की सलाह
बच्चों को सोशल मीडिया की लत से बचाने में जुटे Meta और Google के दिग्गज, अपनी संतानों के लिए रखते हैं सख्त नियम
वाशिंगटन। सोशल मीडिया और डिजिटल तकनीक को करोड़ों-अरबों रुपये कमाने वाली कंपनियों के कई बड़े अधिकारी अपने ही बच्चों को इससे दूर रखने की कोशिश कर रहे हैं। Meta, Google और Microsoft जैसी टेक कंपनियों से जुड़े दिग्गजों के परिवारों में बच्चों के स्क्रीन टाइम को लेकर सख्त नियम अपनाए जा रहे हैं।
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है, जब बच्चों और किशोरों में सोशल मीडिया और डिजिटल स्क्रीन के बढ़ते इस्तेमाल को लेकर दुनियाभर में बहस तेज है। अमेरिका के कई राज्यों में भी सोशल मीडिया के बच्चों पर पड़ने वाले असर को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
स्क्रीन टाइम सीमित रखने पर जोर
रिपोर्ट के मुताबिक, Meta के प्रमुख मार्क जुकरबर्ग ने कहा है कि वह अपने बच्चों के स्क्रीन टाइम को सीमित रखते हैं। चेट जीपीटी की मूल कंपनी OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन भी बच्चों के स्क्रीन टाइम को सीमित रखने की बात कह चुके हैं।
Microsoft के सह-संस्थापक बिल गेट्स ने अपने बच्चों को 14 साल की उम्र तक मोबाइल फोन नहीं दिया। उनकी बेटी की ओर से भी कम उम्र में फोन इस्तेमाल न करने की बात कही गई थी।
बच्चों के मानसिक और सामाजिक विकास पर चिंता
विशेषज्ञों के मुताबिक, डिजिटल स्क्रीन का अत्यधिक इस्तेमाल बच्चों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास पर असर डाल सकता है। सोशल मीडिया को लेकर टेक क्षेत्र से जुड़े कई विशेषज्ञ भी सावधानी बरतने की सलाह देते रहे हैं।
रिपोर्ट में बताया गया है कि Meta के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग ने अपने बच्चों के लंबे समय तक स्क्रीन इस्तेमाल करने से बचाने की बात कही है। वहीं, Microsoft के सह-संस्थापक बिल गेट्स ने भी अपने बच्चों के लिए मोबाइल फोन को लेकर सख्त उम्र सीमा रखी थी।
तकनीक बनाने वाले ही बच्चों के लिए बना रहे दूरी
इस पूरे मामले का सबसे अहम पहलू यह है कि जिन कंपनियों की तकनीक और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म दुनिया भर में अरबों लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा हैं, उनके कुछ प्रमुख निर्माता और अधिकारी अपने बच्चों के डिजिटल इस्तेमाल को लेकर काफी सतर्क नजर आते हैं।
इससे बच्चों के स्क्रीन टाइम, सोशल मीडिया की उम्र सीमा और डिजिटल पेरेंटिंग को लेकर एक बार फिर वैश्विक बहस तेज हो गई है।

