**सरप्लस शिक्षकों के समायोजन पर हाईकोर्ट की हरी झंडी, 10 जिलों में प्रक्रिया आगे बढ़ाने की अनुमति**
इलाहाबाद उच्च न्यायालय में सरप्लस शिक्षकों के पुनरीक्षण और पुनः समायोजन से जुड़ा मुख्य मामला न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह तथा न्यायमूर्ति अरुण कुमार की खंडपीठ के समक्ष विचाराधीन है। इस मामले में आज हुई सुनवाई में कोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं।
कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि जिन जिलों में अतिरिक्त (सरप्लस) शिक्षकों की सूचियों पर कोई आपत्ति प्राप्त नहीं हुई है, वहां राज्य सरकार उन शिक्षकों को उसी विकासखंड के उन विद्यालयों में समायोजित कर सकती है जहां शिक्षकों की कमी है अथवा केवल एक ही शिक्षक तैनात है। अलीगढ़, कौशाम्बी, पीलीभीत, सिद्धार्थनगर, श्रावस्ती सहित कई जिलों का उल्लेख इस संबंध में किया गया है।
जिन शिक्षकों ने अपने समायोजन के खिलाफ आपत्ति दर्ज करा रखी है, उनके मामले में कोर्ट का पहले से पारित अंतरिम आदेश अंतिम निर्णय तक प्रभावी रहेगा। यानी आपत्ति वाले शिक्षकों के समायोजन पर फिलहाल रोक बनी रहेगी।
आज की सुनवाई में सरकारी अधिवक्ता ने रिपोर्ट संख्या-8 प्रस्तुत की। इस रिपोर्ट में आगरा, बाराबंकी, भदोही, इटावा, जालौन, लखीमपुर-खीरी, मैनपुरी, प्रतापगढ़, मुरादाबाद और उन्नाव—इन 10 जिलों की स्थिति का उल्लेख है। कोर्ट ने इन जिलों में आपत्ति न करने वाले शिक्षकों के समायोजन को हरी झंडी दे दी है।
मामले की अगली सुनवाई 10 सितंबर 2026 को दोपहर 12:45 बजे निर्धारित की गई है। सरप्लस शिक्षकों के समायोजन की प्रक्रिया को लेकर अब आगे की कार्रवाई इन्हीं निर्देशों के आधार पर आगे बढ़ने की उम्मीद है।
