विशेष टीईटी 150 अंकों की होगी, माइनस मार्किंग नहीं; 56,818 कार्यरत शिक्षकों को करनी होगी क्वालीफाई
लखनऊ। प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षकों एवं विशेष शिक्षकों के लिए विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) आयोजित कराने की कार्ययोजना शासन ने जारी कर दी है। परीक्षा 150 अंकों की बहुविकल्पीय होगी और इसमें माइनस मार्किंग नहीं होगी। प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्तर पर कार्यरत शिक्षकों के लिए यह टीईटी अनिवार्य होगी।
56,818 शिक्षकों को करना होगा क्वालीफाई
21 जुलाई को बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद प्रदेश में करीब 1,42,818 शिक्षक प्रमाणित हुए हैं। इनमें 64,062 प्राथमिक स्तर के, 76,256 उच्च प्राथमिक स्तर के और 2,500 विशेष शिक्षक शामिल हैं। वहीं, राज्य चयन आयोग की टीईटी में करीब 86 हजार कार्यरत शिक्षक पहले ही उत्तीर्ण हो चुके हैं। ऐसे में लगभग 56,818 शिक्षकों को विशेष टीईटी उत्तीर्ण करनी होगी।
सामान्य वर्ग को 60 फीसदी अंक जरूरी
150 अंकों की परीक्षा में सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को कम से कम 90 अंक यानी 60 प्रतिशत अंक प्राप्त करने होंगे। वहीं एससी, एसटी, ओबीसी, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित, भूतपूर्व सैनिक एवं दिव्यांग श्रेणी तथा आर्थिक रूप से कमजोर अनारक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम 55 प्रतिशत यानी 82 अंक निर्धारित किए गए हैं।
दो स्तरों पर होगी परीक्षा
विशेष टीईटी में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर के लिए अलग-अलग विषयवस्तु निर्धारित की गई है। प्राथमिक स्तर यानी कक्षा एक से पांच तक बाल विकास एवं शिक्षण विधि, भाषा प्रथम हिंदी, भाषा द्वितीय अंग्रेजी/उर्दू/संस्कृत, गणित और पर्यावरणीय अध्ययन से प्रश्न होंगे।
उच्च प्राथमिक स्तर यानी कक्षा छह से आठ के लिए बाल विकास एवं शिक्षण विधि, भाषा प्रथम एवं द्वितीय के साथ गणित-विज्ञान अथवा सामाजिक अध्ययन/सामाजिक विज्ञान से संबंधित प्रश्न पूछे जाएंगे। परीक्षा में प्रत्येक विषय से लगभग 30-30 प्रश्न होंगे और प्रत्येक प्रश्न एक अंक का होगा।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद योजना
समाचार रिपोर्ट के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के 1 सितंबर 2025 के आदेश में 31 अगस्त 2028 तक सभी कार्यरत शिक्षकों के लिए टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य किया गया है। इसी के अनुपालन में शासन ने कार्यरत शिक्षकों के लिए विशेष टीईटी कराने की कार्ययोजना तैयार की है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को परीक्षा का विज्ञापन जारी कर परीक्षा आयोजित कराने के निर्देश दिए गए हैं।
परीक्षा की तिथि और आवेदन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी आयोग की ओर से विज्ञापन जारी होने के बाद स्पष्ट होगी।

