जनगणना 2027: एक दिसंबर से जनगणना का अंतिम चरण, पांच जनवरी तक की आबादी होगी दर्ज
विधान सभा चुनाव के कारण बदला कार्यक्रम, छह लाख से अधिक कर्मी लगाए जाएंगे • 16 नवंबर से 30 नवंबर तक लोगों को दूसरे चरण में भी स्वगणना की रहेगी सुविधा
लखनऊ : उत्तर प्रदेश में विधान सभा चुनाव से पहले जनगणना-2027 का दूसरा और अंतिम चरण पूरा करा लिया जाएगा। एक दिसंबर से चार जनवरी तक घर-घर जाकर जनसंख्या की गणना होगी। पांच जनवरी की रात 12 बजे तक की जनसंख्या को जनगणना में शामिल किया जाएगा। इसके बाद पांच से नौ जनवरी तक गणना के आंकड़ों का पुनरीक्षण होगा। शनिवार को जनगणना को लेकर अधिसूचना जारी कर दी गई है। इस चरण में प्रदेश में छह लाख से अधिक कर्मियों की ड्यूटी लगाई जाएगी।
जनगणना निदेशालय के अनुसार, घर-घर गणना शुरू होने से पहले नागरिकों को 16 से 30 नवंबर तक स्वगणना का मौका मिलेगा। इसके तहत लोग अपनी और अपने परिवार से जुड़ी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकेंगे। राष्ट्रीय स्तर पर जनगणना कर्मियों का प्रशिक्षण शुरू हो चुका है। प्रदेश में राज्य स्तरीय प्रशिक्षण 16 सितंबर से शुरू होकर इसी माह पूरा करने का लक्ष्य है। पहले जनगणना के दूसरे चरण का कार्यक्रम नौ से 28 फरवरी 2027 तक तय किया गया था। इसके लिए एक मार्च 2027 को संदर्भ तिथि निर्धारित की गई थी। अगले वर्ष होने वाले विधान सभा चुनाव को देखते हुए अब कार्यक्रम में बदलाव कर इसे पहले पूरा करने का निर्णय लिया गया है। जनगणना का यह दूसरा चरण इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें पहली बार जातिगत जनगणना की जाएगी। इस दौरान लोगों से करीब 40 सवालों के जवाब लिए जाएंगे। इनमें मातृभाषा और अन्य भाषाओं का ज्ञान, डिजिटल साक्षरता, शिक्षा, व्यवसाय, उद्योग, व्यापार एवं सेवा का स्वरूप, जन्म स्थान, पूर्व निवास स्थान और स्थायी निवास का पता शामिल है। इसके अलावा परिवार में बच्चों की संख्या, कोविड-19 टीकाकरण का स्थान, बैंक खातों की कुल संख्या, मोबाइल नंबर, आधार नंबर, वोटर आइडी, पासपोर्ट नंबर (यदि उपलब्ध हो) और ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी जानकारी भी दर्ज की जाएगी।

