आय से अधिक संपत्ति में फंसे पूर्व शिक्षा निदेशक,बाबू
प्रयागराज। आय से अधिक संपत्ति आरोप माम
ले में शिक्षा निदेशालय के चर्चित प्रशासनिक अधिकारी कलीम खां के साथ ही पूर्व माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. महेन्द्र देव का नाम भी जांच के दायरे में आ गया है। शासन के उपसचिव राम प्रीत प्रसाद ने शिक्षा निदेशालय के अफसरों को 25 अगस्त को पत्र लिखकर शासन के निर्णय के अनुसार आरोपी दोनों लोक सेवकों के विरुद्ध गोपनीय जाच कराकर जांच आख्या/संस्तुति शासन को उपलब्ध कराएं।
प्रयागराज के ओमनगर, राजापुर निवासी एडवोकेट पंकज कुमार ने शपथ पत्र के साथ 28 अप्रैल को कलीम खां के खिलाफ लोकसेवक के पद पर रहते हुए अपनी सेवा अवधि में ज्ञात वैध आय से अधिक चल एवं अचल सम्पत्तियां अर्जित करने की शिकायत की थी। उसके बाद इसी साल जून में सतर्कता अनुभाग के अनु सचिव राजकुमार सिंह ने निदेशक सतर्कता अधिष्ठान (ईडी) राजीव कृष्ण को पत्र लिखकर इस मामले में अभिसूचना संकलित (गोइंट जांच) कराकर उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था।
उसके बाद सतर्कता अधिष्ठान की ओर से 11 अगस्त को उपलब्ध कराई गई अभिसूचना संकलन आख्या पर सम्यक विचार के बाद शासन ने प्रशासनिक अधिकारी कलीम खां, एवं सेवानिवृत्त माध्यमिक शिक्षा निदेशक महेन्द्र देव के विरुद्ध परिसम्पत्ति विषयक आरोपों के संबंध में उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान से अभिलेखों की सन्निरीक्षा सहित गोपनीय जांच कराने का निर्णय लिया है। हालांकि इस संबंध में पूर्व निदेशक ने किसी जानकारी से इनकार किया है।
मुख्यमंत्री तक से हो चुकी है शिकायत
कलीम खां के खिलाफ विभागीय कार्यों में अनियमितता बरतने, आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने आदि की शिकायत मुख्यमंत्री से होने के बाद पिछले साल अक्तूबर में उसका तबादला सामान्य तृतीय अनुभाग से प्रबंध में कर दिया गया था। सांसद प्रवीण पटेल ने भी मुख्यमंत्री को चर्चित बाबू को लेकर पत्र लिखा था।

