आउटसोर्स कर्मियों का मानदेय दोगुना, भर्ती प्रक्रिया में भी होगा बदलाव
सीएम योगी ने 3.50 लाख आउटसोर्स कर्मियों को दिया बड़ा तोहफा, 40 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के करीब 3.50 लाख आउटसोर्स कर्मियों के मानदेय में बढ़ोतरी करते हुए इसे अधिकतम दोगुना तक करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को आउटसोर्स कर्मियों के लिए कई महत्वपूर्ण सुविधाओं का ऐलान किया और सेवा निगम का शुभारंभ किया।
सरकार के अनुसार आउटसोर्स कर्मियों को अब श्रेणी के आधार पर मानदेय मिलेगा। साथ ही भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए नई व्यवस्था लागू की जाएगी।
चार श्रेणियों में बांटे गए कर्मचारी
श्रेणी-1: 40 हजार रुपये मानदेय — डॉक्टर, अभियंता, एई, एसडीओ, लेखाकार और अन्य उच्च पद। इस श्रेणी के लिए स्नातक डिग्री अनिवार्य होगी।
श्रेणी-2: 25 हजार रुपये मानदेय — जेई, स्टाफ नर्स, एक्स-रे टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट, लैब असिस्टेंट और सांख्यिकी अधिकारी आदि।
श्रेणी-3: 22 हजार रुपये मानदेय — ऑपरेटर, पैरामेडिकल स्टाफ, ड्राफ्ट्समैन, इलेक्ट्रिशियन, मैकेनिक, सुपरवाइजर, ड्रेसर व स्टोर कीपर आदि।
श्रेणी-4: 20 हजार रुपये मानदेय — कार्यालय सहायक, लिफ्ट ऑपरेटर, अर्दली, अनुसेवक, नाई, माली, चौकीदार, माली, जमादार और फायरमैन आदि।
40 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा
घटना-दुर्घटना या आपदा में आउटसोर्स कर्मी की मृत्यु होने पर कर्मचारी और उसके परिवार को 40 लाख रुपये तक की बीमा सुरक्षा दी जाएगी। कंपनी मनमर्जी से किसी कर्मचारी को नौकरी से नहीं निकाल सकेगी।
भर्ती अब नए तरीके से
आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती अब उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (यूपीकोन्स) के माध्यम से किए जाने की बात कही गई है। भर्ती योग्यता और मेरिट के आधार पर होगी। भर्ती, पोस्टिंग, उपस्थिति, मानदेय, ग्रेच्युटी, बीमा और सेवा लाभ की डिजिटल निगरानी की व्यवस्था होगी।
सेवा निगम का पोर्टल और वेबसाइट तैयार किए जाएंगे, जहां कर्मचारी अपना सेवा विवरण, एकाउंट, उपस्थिति और भुगतान संबंधी जानकारी ऑनलाइन देख सकेंगे तथा शिकायत भी दर्ज करा सकेंगे।
बच्चों की पढ़ाई के लिए 10 लाख तक सहायता
सरकार ने आउटसोर्स कर्मियों के बच्चों की शिक्षा के लिए भी सहायता की घोषणा की है। बेटे की शिक्षा के लिए 8 लाख और बेटी की शिक्षा के लिए 10 लाख रुपये तक की सहायता का प्रावधान बताया गया है। कर्मचारी की मृत्यु होने पर परिजनों को तत्काल 50 हजार रुपये की सहायता भी दी जाएगी।
इसके अलावा मातृत्व अवकाश, ईएसआई अस्पतालों में निःशुल्क उपचार और जरूरत पड़ने पर आयुष्मान भारत योजना से जोड़ने जैसी सुविधाओं का भी उल्लेख किया गया है।

