चंदा मामा दूर के' कविता में अश्लील शब्द के विवाद पर केंद्र से मांगा जवाब
एनसीईआरटी की पहली कक्षा की हिंदी पाठ्यपुस्तक ''सारंगी (भाग 01)" में छपी प्रसिद्ध बाल कविता चंदा मामा दूर के अचानक कानूनी और सामाजिक विवादों में घिर गई है। कविता की दूसरी पंक्ति में एक अनुचित और अमर्यादित शब्द के मुद्रण को लेकर पटना हाई कोर्ट में एक लोकहित याचिका दायर की गई है। मुख्य न्यायाधीश वी. कामेश्वर राव और न्यायाधीश सुधीर सिंह की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार और संबंधित विभागों से जवाब मांगा है।
सौमित्र शंकर (मुसल्लहपुर, पटना निवासी) द्वारा दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि पुस्तक में छपे गलत शब्द से महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचती है और बच्चों पर गलत प्रभाव पड़ रहा है। गलती की वजह कविता की पंक्ति पूआ पकाए गुड़ के होनी चाहिए थी, लेकिन 'गुड़' शब्द की जगह गलती से एक आपत्तिजनक शब्द टंकित हो गया है। कोर्ट ने प्रतिवादियों को मामले में सुधारात्मक कदम उठाने और विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने के लिए समय देते हुए अगली सुनवाई 13 अक्टूबर तय की है।

