पुराने विवादों के बाद अब महिला शिक्षक संघ ने उठाई आवाज, शिक्षक को बीआरसी से हटाने की मांग
शुकुल बाजार(अमेठी), अमृत विचार। बीआरसी शुकुल बाजार एक बार फिर गंभीर आरोपों को लेकर सवालों के घेरे में है। महिला शिक्षिकाओं से कथित अभद्रता, बिना बैठक अथवा प्रशिक्षण के बीआरसी (खंड शिक्षा अधिकारी) द्वारा बुलाने और कार्रवाई की धमकी देकर दबाव बनाने के आरोप सामने आए हैं। उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को प्रत्यावेदन देकर कम्पोजिट विद्यालय ऊंचगांव के प्रधानाध्यापक देवीशरण को बीआरसी से कार्यमुक्त कर विद्यालय भेजने तथा बीआरसी के कामकाज में उनके हस्तक्षेप पर रोक लगाने की मांग की है।
महिला शिक्षक संघ की जिलाध्यक्ष एवं अयोध्या मंडल प्रभारी दीपिका अवस्थी के अनुसार, 27 अगस्त को रक्षाबंधन से पूर्व बीआरसी परिसर में महिला कार्यकारिणी का करीब 10 मिनट का मिलन कार्यक्रम था। इसी दौरान देवीशरण पहुंचे और शिक्षिकाओं के प्रति कथित नाराजगी जताते हुए अभद्र व्यवहार किया। संघ ने शिक्षिकाओं को नाम के बजाय विद्यालय अथवा कथित कोडवर्ड से संबोधित किए जाने की शिकायत भी की है। इससे पहले भी देवीशरण के बीआरसी में अधिक समय रहने और विद्यालय में केवल उपस्थिति दर्ज कराने के आरोप लगाए गए थे। शिकायत पर जांच का आश्वासन दिया गया था।
पुराना है बीआरसी में शिक्षक की मौजूदगी का विवाद : बीआरसी शुकुल बाजार में शिक्षक की कथित मौजूदगी और विद्यालय के शैक्षणिक कार्यों से दूरी का मुद्दा पहले भी 'अमृत विचार' उठा चुका है। अप्रैल 2025 से एआरपी को मूल विद्यालय में अध्यापन कार्य के लिए भेजे जाने संबंधी निर्देशों के बावजूद बीआरसी की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठे थे। उस समय शिक्षकों ने आरोप लगाया था कि बीआरसी पर एआरपी, कंप्यूटर ऑपरेटर, लेखाकार, कार्यालय सहायक और खंड शिक्षा अधिकारी की मौजूदगी के बावजूद अधिकांश कार्य एक शिक्षक के माध्यम से कराए जा रहे हैं।
■ सीसीटीवी फुटेज खोलेगा राज : शिकायतकर्ताओं ने खंड शिक्षा अधिकारी की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि संबंधित शिक्षक के माध्यम से अन्य शिक्षकों से कथित रूप से धनराशि की वसूली कराई जाती है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। शिकायतकर्ताओं ने बीआरसी परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कराने की मांग की है।
■ बीईओ हरिओम तिवारी सिंहपुर में भी उठे थे सवाल : बीईओ हरिओम तिवारी की भूमिका को लेकर सिंहपुर में भी शिक्षक नेताओं ने गंभीर आरोप लगाए थे। 29 मई को शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष आशुतोष शुक्ला व मंत्री संजय कुमार पांडेय ने तत्कालीन बीईओ हरिओम तिवारी समेत तीन लोगों के खिलाफ 16 बिंदुओं पर शिकायत की थी। इसमें 23 विद्यालयों की मरम्मत के करीब 1.18 करोड़ रुपये, मानव संपदा पोर्टल और कथित अवैध वसूली समेत कई आरोप लगाए गए थे। सहायक शिक्षा निदेशक ने शिकायतकर्ताओं से शपथपत्र व साक्ष्य मांगे थे।
सहायक अध्यापक को विद्यालय में रहने का प्रावधान
शुकुल बाजार, अमेठी
अमृत विचार : खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय शुकुल बाजार में शासनादेशों की अवहेलना हो रही है। जहां एक ओर प्रदेश स्तर पर कार्यरत एआरपी एकेडमिक रिसोर्स पर्सन को एक अप्रैल 2025 से उनके मूल विद्यालय में अध्यापन कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। बीआरसी शुकुल बाजार में शिक्षक शैक्षणिक कार्यों में रुचि नहीं लेते हैं। वे विद्यालय में उपस्थिति रजिस्टर में सिर्फ हस्ताक्षर कर वापस हो जाते हैं एवं अधिक समय बीआरसी कार्यालय में बिताते हैं। शिक्षकों का कहना है कि देवी शरण विद्यालय में केवल उपस्थिति दर्ज कराने जाते हैं और शैक्षणिक कार्य से दूर रहते हैं।
अप्रैल 2025 में अमृत विचार में प्रकाशित खबर। — अमृत विचार
विवादों से पुराना नाता है शिक्षक का
बीआरसी शुकुल बाजार में शिक्षक की भूमिका और मौजूदगी को लेकर विवाद पहली बार सामने नहीं आया है। इससे पहले भी विद्यालय में शैक्षणिक कार्य प्रभावित होने तथा शिक्षक के बीआरसी पर अधिक समय रहने के आरोप लग चुके हैं। 'अमृत विचार' ने अप्रैल 2025 में इस मामले को प्रमुखता से उठाया था। उस समय भी विभागीय अधिकारियों से शिकायत और जांच की बात सामने आई थी। अब महिला शिक्षक संघ ने अभद्रता, दबाव बनाने और शिक्षिकाओं को अनावश्यक रूप से बीआरसी बुलाने के आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग की है। ऐसे में पुराने मामले में हुई कार्रवाई और वर्तमान शिकायत पर विभाग के रुख को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
"खंड शिक्षा अधिकारी सिंहपुर पूजा सिंह को जांच दी गई है। तथ्यों के आधार पर संबंधित शिक्षक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।"
—संजय तिवारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी

