एसडीएम बने शिक्षक, बच्चों संग की पढ़ाई की बात, फिर जमीन पर बैठकर खाया मिड डे मील
ज्ञानप्रकाश चतुर्वेदी, सोनभद्र: सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता और बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं की जमीनी हकीकत जानने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों का निरीक्षण अभियान लगातार जारी है। शनिवार को विकास खंड चोपन स्थित प्राथमिक विद्यालय बभनमरी पहुंचे एसडीएम ओबरा रवि पासवान का अंदाज कुछ अलग ही नजर आया। उन्होंने केवल विद्यालय की व्यवस्थाओं का निरीक्षण नहीं किया, बल्कि खुद शिक्षक की भूमिका में बच्चों के बीच पहुंचे। उनसे पढ़ाई की बात की, सवाल पूछे और उनकी शैक्षणिक समझ को भी परखा।
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ के निर्देशन में जनपद के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नियमित निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान एसडीएम ओबरा सीधे कक्षा में पहुंचे और बच्चों से बेहद आत्मीयता के साथ संवाद किया। उन्होंने नौनिहालों से उनकी पढ़ाई, विभिन्न विषयों की समझ और विद्यालय में मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। सहज और दोस्ताना माहौल में बच्चों से बातचीत करते हुए एसडीएम कुछ देर के लिए शिक्षक बन गए और पठन-पाठन कराकर बच्चों की सीखने की क्षमता को परखा।
एसडीएम को देख खिल उठे नौनिहालों के चेहरे
निरीक्षण के दौरान एसडीएम रवि पासवान ने विद्यालय में बच्चों को उपलब्ध कराए जा रहे मिड डे मील की गुणवत्ता और व्यवस्था का भी जायजा लिया। इस दौरान सबसे खास दृश्य तब देखने को मिला, जब एसडीएम बच्चों के साथ बैठ गए और उनके साथ ही जमीन पर भोजन किया। अपने बीच एक बड़े प्रशासनिक अधिकारी को सहजता से बैठकर भोजन करते देख बच्चे बेहद उत्साहित नजर आए। नौनिहालों के चेहरों पर खुशी, उत्साह और अपनापन साफ दिखाई दिया। विद्यालय परिसर में यह पल बेहद खुशनुमा और यादगार बन गया।
एसडीएम ने विद्यालय की स्वच्छता, अनुशासन, शिक्षण व्यवस्था और बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं का भी बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यालय स्टाफ को शासन की मंशा के अनुरूप बच्चों के लिए बेहतर, सुरक्षित और सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बच्चों के लिए यादगार पल बन गया
एसडीएम के इस अनोखे निरीक्षण ने जहां विद्यालय की व्यवस्थाओं की जमीनी पड़ताल की, तो वहीं बच्चों के साथ उनका आत्मीय संवाद और मिड डे मील में सहभागिता नौनिहालों के लिए एक यादगार अनुभव बन गया। अधिकारी जब शिक्षक बने और फिर बच्चों के साथी बनकर उनके संग भोजन किया, तो बभनमरी प्राथमिक विद्यालय का यह दिन बच्चों की यादों में खास बन गया।

