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Wednesday, September 16, 2026

शिक्षिका के वेतन निर्धारण में गड़बड़ी, रिकवरी आदेश नहीं

Hamirpur News: शिक्षिका के वेतन निर्धारण में गड़बड़ी, रिकवरी आदेश नहीं

हमीरपुर। बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षिका संध्या यादव की पदोन्नति के दौरान नियमों के विपरीत अतिरिक्त वेतन वृद्धि जोड़ने का मामला सामने आया है। अमर उजाला ने 23 मई 2026 को इस गड़बड़ी की खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद मई में वेतन निर्धारण के अनुसार ही वेतन आहरण का आदेश जारी हुआ। हालांकि, नियम विरुद्ध लिए गए पैसे की रिकवरी का कोई आदेश नहीं आया।




वित्त एवं लेखाधिकारी ने संध्या यादव की सेवा पुस्तिका तलब की। नवंबर 2016 में पदोन्नति पाने वाले सभी शिक्षकों की सेवा पुस्तिकाएं भी जांच के लिए मांगी गईं। जांच का दायरा बढ़ा पर कोई असर नहीं दिखा। लिए गए वेतन की वापसी का भी कोई आदेश नहीं आया। चौथा माह बीतने पर भी वेतन निर्धारण या आहरण करने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। तत्कालीन बीएसए आलोक सिंह ने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया था। 


वेतन निर्धारण में हुई विसंगति मामले को लेकर वित्त एवं लेखाधिकारी ने मई में ही आदेश जारी कर दिया था। आदेश में कहा गया था कि वेतन निर्धारण में कोई विसंगति पाई जाती है और अधिक वेतन का भुगतान होता है तो संबंधित बीईओ और पटल सहायक को इसके लिए जिम्मेदार माना जाएगा। इसके बाद जिम्मेदारों पर छोड़िए शिक्षिका व शिक्षकों से रिकवरी तक नहीं की गई। 

वित्त एवं लेखाधिकारी की रिपोर्ट के अनुसार शिक्षिका संध्या का एक जनवरी 2016 को मूल वेतन 42,300 रुपये था। सातवां वेतन आयोग लागू होने के बाद एक जुलाई 2016 को वेतन बढ़कर 43,600 रुपये हो गया। 22 नवंबर 2016 को पदोन्नति के बाद वेतन 44,900 रुपये निर्धारित किया गया। आरोप है कि इसमें नियमों के विपरीत एक अतिरिक्त वेतन वृद्धि जोड़ दी गई। 


ऐसा कोई प्रकरण अभी संज्ञान में नहीं है, अगर किसी शिक्षक या शिक्षिका के खाते में वेतन निर्धारण से अधिक वेतन गया है तो उसकी जांच वित्त एवं लेखाधिकारी से कराई जाएगी। अधिक वेतन लिया गया होगा तो आवश्यक कार्रवाई के साथ रिकवरी भी कराई जाएगी।-मुकेश खरवार, बेसिक शिक्षा अधिकारी हमीरपुर

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