गोरखपुर। पंचायत चुनाव की ड्यूटी से लौटे बेसिक और माध्यमिक के 28 शिक्षकों की अलग-अलग तिथियों पर मौत हो गई है। इस सिलसिले में शिक्षक संघों ने प्रशासनिक अफसरों को ज्ञापन दिया है। उनका कहना है कि 14 से 28 अप्रैल के बीच ही सभी शिक्षकों की मौत हुई है। शिक्षकों के परिजन भी संक्रमित हैं। लिहाजा, मृतकों के परिजनों को 50-50 लाख का मुआवजा दिया जाना चाहिए। गोरखपुर में पहले चरण का मतदान 15 अप्रैल को हुआ था। इससे पहले मतदान कराने के लिए प्रशिक्षण दिया गया। कई बैठकें भी हुईं। इसपर शिक्षक संघों ने आपत्ति की और संक्रमण की तेजी का हवाला देते हुए चुनाव प्रक्रिया स्थगित करने की मांग की लेकिन ऐसा नहीं हो सका। प्राथमिक शिक्षक संघ, माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट और चेतनारायण गुट के पदाधिकारियों का कहना है कि चुनाव ड्यूटी में लगाए गए बेसिक
शिक्षा विभाग के 23 शिक्षकों कौ अब तक मौत हो चुकी है। तमाम शिक्षक व उनके परिजन गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं। अब मतगणना में लगाने की कवायद चल रही है। इससे कई शिक्षकों का परिवार बर्बाद हो सकता है। जब तक कोरोना संक्रमण कम न हो जाए तब तक मतगणना नहीं होनी चाहिए।

