पंचायत चुनाव के प्रत्याशियों के सामने नई चुनोती
लखनऊ। राज्य निर्वाचन आयोग ने दो मई को प्रस्तावित मतगणना के लिए प्रत्याशियों व उनके अभिकर्ताओं (एजेंटों) के लिए कोविड-19 की निगेटिव जांच अनिवार्य कर दिया है। हालात ये हैं कि कोबिड प्रोटोकॉल को ताक पर रखकर चुनाव प्रचार में जुटे तमाम प्रत्याशी कोबिड पॉजिटिव हो गए हैं। बड़ी संख्या में प्रत्याशियों के समर्थक भी पॉजिटिव हो गए हैं। कई ऐसे हैं जिनके मतगणना तक निगेटिव होने में मुश्किल है। ऐसे प्रत्याशियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
सबसे ज्यादा चुनौती जिला पंचायत सदस्य के प्रत्याशियों की है। उन्हें ज्यादा संख्या में मतगणना एजेंट की जरूरत होगी। कई जगह जिला पंचायत सदस्य क्षेत्र की मतगणना एक से अधिक मतगणना केंद्र पर होनी है। कई जगह ऐसे प्रत्याशियों को अपने कम भरोसेमंद साथियों पर भरोसा करने की मजबूरी है।
बैलट के चुनाव में मतगणना के समय एक-एक वोट को लेकर खींचतान होती है। मजबूर प्रत्याशी तय नहीं कर पा रहे हैं कि वे अपनी जगह किस साथी पर भरोसा आजमाएं। जहां चुनाव हो गए हैं, वहां मतगणना की तैयारियां शुरू हो गई हैं।

